Israel-Lebanon Ceasefire: अमेरिका ने कराया समझौता, 10 दिनों के लिए रुकी जंग, लेबनान के लोग अभी भी डरे हुए
अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump की कोशिशों से Israel और Lebanon के बीच 10 दिनों का ceasefire समझौता हुआ है। यह समझौता 16 अप्रैल 2026 की शाम से लागू हो गया है। हालांकि नेताओं ने इसे शांति की ओर एक कदम बताया है, लेकिन Beirut में रहने वाले आम लोग इस समझौते पर भरोसा करने से डर रहे हैं और उनमें खुशी का माहौल नहीं है।
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ceasefire समझौते की मुख्य बातें क्या हैं?
- यह शुरुआती समझौता केवल 10 दिनों के लिए किया गया है, जिसे बातचीत के बाद आगे बढ़ाया जा सकता है।
- Israel ने कहा है कि वह अपनी सुरक्षा के लिए ज़रूरी कदम उठाने का अधिकार रखेगा।
- Lebanon को यह पक्का करना होगा कि Hezbollah या कोई अन्य ग्रुप Israel पर हमला न करे।
- Israel की सेना दक्षिणी Lebanon में तैनात रहेगी और वहां के नागरिकों को Litani नदी के दक्षिण में न जाने की चेतावनी दी गई है।
इस समझौते पर किसका क्या कहना है?
इस डील को लेकर अलग-अलग नेताओं और संगठनों ने अपनी राय रखी है, जिसे नीचे टेबल में देखा जा सकता है:
| नाम/संगठन | मुख्य बात |
|---|---|
| Donald Trump | शांति को लेकर उम्मीद जताई और जल्द Lebanon आने की बात कही। |
| Benjamin Netanyahu | इसे ऐतिहासिक शांति का मौका बताया, लेकिन Hezbollah के निशस्त्रीकरण की शर्त रखी। |
| Joseph Aoun | शांति के लिए ceasefire का समर्थन किया। |
| Nawaf Salam | इस फैसले का स्वागत किया और इसे लेबनान की मुख्य मांग बताया। |
| Hezbollah | कहा कि truce तभी माना जाएगा जब हमले पूरी तरह रुकेंगे और Israeli सेना की मूवमेंट बंद होगी। |
लेबनान के आम लोगों के हालात कैसे हैं?
Al Jazeera के रिपोर्टर Justin Salhani ने Beirut से खबर दी है कि वहां के लोग इस समझौते को लेकर काफी सशंकित हैं। लोगों को डर है कि Israel इस समझौते का पूरी तरह पालन नहीं करेगा।
समझौता लागू होने से ठीक पहले दोनों तरफ से भारी गोलाबारी हुई थी। Israel ने करीब 40 हमलों की बात कही, जबकि Lebanon के मीडिया ने कई इलाकों में भारी हवाई हमलों की खबर दी थी।
लेबनान की सेना और Hezbollah ने नागरिकों को चेतावनी दी है कि वे अभी तुरंत अपने घरों को वापस न लौटें। उन्होंने कहा कि धमाकों और बिना फटे बमों का खतरा अभी भी बना हुआ है, इसलिए सावधानी बरतें।