इजरायल और लेबनान के बीच चल रही जंग को रोकने के लिए अब बड़ी कोशिशें शुरू हो गई हैं। 15 अप्रैल 2026 को इजरायल की सुरक्षा कैबिनेट की एक अहम बैठक हुई, जिसमें लेबनान में युद्ध विराम (ceasefire) की संभावना पर चर्चा की गई। अमेरिका ने इस मामले में दखल देते हुए एक अस्थायी युद्ध विराम की मांग की है ताकि स्थिति को संभाला जा सके।
लेबनान में युद्ध विराम को लेकर क्या चर्चा हुई?
अमेरिकी सरकार ने इजरायल से एक अस्थायी और प्रतीकात्मक युद्ध विराम करने को कहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की सुरक्षा कैबिनेट एक हफ्ते के लिए युद्ध रोकने के विकल्प पर विचार कर रही है। कुछ राजनीतिक सूत्रों का मानना है कि आने वाले कुछ दिनों में युद्ध विराम करना मजबूरी हो सकता है। हालांकि, कैबिनेट के कुछ मंत्री इस फैसले के सख्त खिलाफ हैं और वे सैन्य कार्रवाई को और बढ़ाने की वकालत कर रहे हैं।
युद्ध विराम को लेकर अलग-अलग दावे क्या हैं?
इस मामले में अलग-अलग पक्षों से विरोधाभासी खबरें सामने आई हैं। जहाँ एक तरफ इरान और अमेरिकी मध्यस्थता की बातें हो रही हैं, वहीं इजरायल के अधिकारी कुछ दावों को नकार रहे हैं। मुख्य अपडेट्स नीचे टेबल में दिए गए हैं:
| पक्ष | दावा/अपडेट |
|---|---|
| इरान/हिजबुल्ला | दावा किया कि बुधवार रात से एक हफ्ते का युद्ध विराम लागू होगा। |
| इजरायली अधिकारी | कहा कि फिलहाल युद्ध विराम की कोई ठोस योजना नहीं है। |
| अमेरिकी सरकार | वाशिंगटन में इजरायल और लेबनान के दूतों के बीच बातचीत कराई। |
| पीएम नेतन्याहू | बयान दिया कि हिजबुल्ला पर हमले जारी रहेंगे। |
जमीनी स्तर पर सैन्य स्थिति क्या है?
कूटनीतिक बातचीत के बीच जमीन पर लड़ाई अभी भी जारी है। इजरायली सेना ने दक्षिणी लेबनान के बिंत जबेल (Bint Jbeil) इलाके में अपने हमले तेज रखे हैं। इजरायल के आर्मी चीफ ने आदेश दिया है कि दक्षिणी लेबनान में लिटानी नदी तक के पूरे क्षेत्र को हिजबुल्ला के लड़ाकों के लिए नो-गो ज़ोन बना दिया जाए। इस बीच, इरान इस पूरे मामले में दबाव बना रहा है ताकि एक समझौता हो सके।
