Israel Lebanon Ceasefire: इसराइल और लेबनान के बीच युद्ध विराम शुरू, लेकिन सेना लेबनान में ही रहेगी, नेतन्याहू ने कहा हम नहीं हटेंगे
इसराइल और लेबनान के बीच 10 दिनों का युद्ध विराम (ceasefire) 17 अप्रैल 2026 से लागू हो गया है. अमेरिका की कोशिशों के बाद यह फैसला लिया गया ताकि दोनों तरफ की लड़ाई को रोका जा सके. हालांकि, इसराइल ने साफ कर दिया है कि उसकी सेना लेबनान की सीमा के अंदर अपनी जगह नहीं छोड़ेगी और वहां तैनात रहेगी.
युद्ध विराम के दौरान क्या होंगे नियम?
इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि उनकी सेना दक्षिण लेबनान में 10 किलोमीटर के सुरक्षा क्षेत्र में बनी रहेगी. अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, इस समझौते के तहत इसराइल केवल तभी सैन्य कार्रवाई करेगा जब उसे किसी बड़े हमले का खतरा होगा. इसराइल ने लेबनान के लोगों को चेतावनी दी है कि वे लिटानी नदी के दक्षिण वाले इलाके में वापस न आएं.
हिजबुल्ला और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं का क्या कहना है?
हिजबुल्ला ने कहा है कि अगर इसराइल ने ceasefire की शर्तों को तोड़ा, तो वे तुरंत जवाबी हमला करेंगे. उन्होंने दावा किया कि पिछले 45 दिनों की लड़ाई में उन्होंने 2,184 हमले किए थे. वहीं, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने चिंता जताई है कि सैन्य कार्रवाई जारी रहने से यह शांति समझौता टूट सकता है. ह्यूमन राइट्स वॉच ने पुल तोड़ने की घटना को युद्ध अपराध मानकर इसकी जांच की मांग की है.
मुख्य जानकारी और अपडेट
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| सीजफायर की तारीख | 17 अप्रैल 2026 |
| सुरक्षा क्षेत्र की चौड़ाई | 10 किलोमीटर |
| अमेरिकी राष्ट्रपति | डोनाल्ड ट्रम्प |
| हिजबुल्ला के हमले | 2,184 हमले (दावा) |
| इसराइली जनता का समर्थन | 56 प्रतिशत सेना को लेबनान में रखने के पक्ष में |
| विवादास्पद घटना | क़स्मीह पुल का विनाश |