इसराइल और लेबनान के बीच चल रही जंग को रोकने के लिए ceasefire पर बातचीत जारी है। इसराइल के विदेश मंत्री ने साफ़ कहा है कि अगर हिज़्बुल्लाह समझौते की शर्तों को मानेगा, तभी इसराइल इस ceasefire का सम्मान करेगा। इसराइल ने यह भी साफ़ कर दिया है कि उसकी लेबनान में ज़मीन हड़पने की कोई इच्छा नहीं है, लेकिन अपनी सुरक्षा के लिए सेना को पीछे नहीं हटाएगा।

इसराइल के प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री Israel Katz ने कहा कि दक्षिणी लेबनान में बनाया गया सुरक्षा ज़ोन (security zone) इसराइल के उत्तरी इलाकों की सुरक्षा के लिए बहुत ज़रूरी है। 21 जून 2026 को रक्षा मंत्री ने साफ़ किया कि इस ज़ोन में मौजूद सेना को खतरों को खत्म करने के लिए पूरी छूट होगी। इसराइल ने कहा है कि वह तब ही पीछे हटेगा जब हिज़्बुल्लाह के सभी आतंकी लिटानी नदी के उत्तर में चले जाएंगे और वहां का पूरा ढांचा खत्म कर दिया जाएगा।

तारीखें और ज़रूरी बैठकें

दोनों देशों के बीच शांति के लिए कई बार कोशिशें हुई हैं। 16 अप्रैल 2026 को पहली बार 10 दिन का ceasefire हुआ था, जिसे बाद में 15 मई को 45 दिन के लिए बढ़ाया गया। हाल ही में 19 जून 2026 को फिर से एक समझौता हुआ है। अब 23 से 25 जून 2026 तक वाशिंगटन में अमेरिका की मदद से सीधी बातचीत होने वाली है।

लेबनान और हिज़्बुल्लाह का पक्ष

दूसरी तरफ, हिज़्बुल्लाह के नेता Naim Qassem ने इसराइल के सुरक्षा ज़ोन की बात को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने मांग की है कि इसराइल अपनी सेना को लेबनान की ज़मीन से पूरी तरह हटा ले। लेबनान के राष्ट्रपति Joseph Aoun ने भी अमेरिका से कहा है कि अगर बातचीत को आगे बढ़ाना है, तो एक व्यापक ceasefire ज़रूरी है और इसराइल को अपने हमले रोकने होंगे।

22 जून 2026 को इसराइल के एक बड़े अधिकारी ने उन खबरों को गलत बताया जिनमें कहा गया था कि बातचीत से पहले नेकनीयती के तौर पर सेना को पीछे हटाया जाएगा। उन्होंने साफ़ कहा कि इस मामले में कोई समझौता या सेना की वापसी नहीं होगी।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.