मिडिल ईस्ट में तनाव बहुत ज्यादा बढ़ गया है और अमेरिका-इसराइल के साथ ईरान की जंग को 97 दिन पूरे हो चुके हैं। इस बीच एक तरफ जहां बुधवार 3 जून को इसराइल और लेबनान के बीच सीजफायर यानी युद्धविराम पर सहमति बनी, वहीं अगले ही दिन गुरुवार 4 जून की सुबह इसराइल ने लेबनान पर फिर से ड्रोन हमले कर दिए। दूसरी तरफ ईरान ने खाड़ी देशों में अमेरिकी सहयोगियों पर अपने हमलों का बचाव किया है, जिसमें हाल ही में कुवैत पर हुआ हमला भी शामिल है जिससे वहां काफी नुकसान हुआ है।
सीजफायर समझौते के कुछ ही घंटों बाद लेबनान पर गिरे ड्रोन
इसराइल और लेबनान के बीच बुधवार को वॉशिंगटन में अमेरिका की मध्यस्थता से सीजफायर को आगे बढ़ाने पर सहमति बनी थी। इस समझौते के तहत हिजबुल्लाह को दक्षिण लिटानी नदी से पीछे हटना था और वहां लेबनानी सेना का नियंत्रण होना था। लेकिन गुरुवार 4 जून की सुबह ही इसराइल ने दक्षिणी लेबनान के कई इलाकों में ड्रोन से हमले कर दिए। लेबनान की सरकारी मीडिया के अनुसार, एक हमले में कार सवार पति-पत्नी और उनकी बेटी गंभीर रूप से घायल हो गए। इसराइल के रक्षा मंत्री इसराइल कैट्स ने कहा कि वे लेबनान में सैन्य ठिकानों को निशाना बनाना जारी रखेंगे और उन्हें अमेरिका का पूरा समर्थन हासिल है।
कुवैत पर मिसाइल हमला और ईरान का आत्मरक्षा का दावा
बुधवार 3 जून को कुवैत पर ईरान की तरफ से बड़ा मिसाइल और ड्रोन हमला किया गया था। इस हमले में कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट को भारी नुकसान पहुंचा है, वहीं 1 व्यक्ति की मौत हो गई और 60 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। इस हमले के बाद ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराक्ची ने कहा कि खाड़ी देशों पर उनके हमले केवल अपनी सुरक्षा के लिए किए गए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि नए प्रतिबंधों या सैन्य कार्रवाई से ईरान झुकने वाला नहीं है। ईरान का दावा है कि यह हमला अमेरिका द्वारा उनके तेल टैंकर और संचार केंद्र पर किए गए हमले का जवाब था।
अमेरिकी संसद में राष्ट्रपति ट्रंप के खिलाफ बड़ा कदम
इस भीषण जंग के बीच अमेरिका के भीतर भी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसलों का विरोध शुरू हो गया है। अमेरिकी संसद के निचले सदन यानी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स ने एक प्रस्ताव को अपना समर्थन दिया है। इस प्रस्ताव के तहत राष्ट्रपति ट्रंप को इस युद्ध को आगे बढ़ाने के लिए संसद से मंजूरी लेनी होगी, या फिर अपनी सेना को युद्ध क्षेत्र से वापस बुलाना होगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
इसराइल और लेबनान के बीच सीजफायर कब हुआ था?
इसराइल और लेबनान के बीच बुधवार 3 जून 2026 को अमेरिका की मध्यस्थता में सीजफायर समझौता हुआ था, लेकिन इसके कुछ ही घंटों बाद गुरुवार को इसराइल ने दक्षिणी लेबनान पर फिर से ड्रोन हमले किए।
कुवैत पर हुए हमले में क्या नुकसान हुआ है?
बुधवार 3 जून को हुए ईरानी हमले में कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट को भारी नुकसान पहुंचा, साथ ही 1 व्यक्ति की मौत हो गई और 60 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।
