इसराइल और लेबनान के बीच शांति की कोशिशें एक बार फिर खतरे में पड़ गई हैं। इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने कहा है कि Hezbollah ने सीज़फायर के नियमों को तोड़ दिया है। अब इसराइल अपनी सीमाओं की सुरक्षा के लिए पूरी ताकत के साथ जवाब देगा। हालात फिर से तनावपूर्ण हो गए हैं और दोनों तरफ से हमले बढ़ गए हैं।

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क्या लेबनान और इसराइल के बीच सीज़फायर खत्म हो गया है?

इसराइल और लेबनान के बीच 16 अप्रैल 2026 को अमेरिका की मदद से एक सीज़फायर समझौता हुआ था। इसके बाद 23 अप्रैल को अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने इस समझौते को तीन हफ्ते के लिए आगे बढ़ा दिया था। लेकिन 26 अप्रैल को Benjamin Netanyahu ने दावा किया कि Hezbollah इस समझौते को खत्म कर रहा है।

  • Netanyahu का बयान: उन्होंने कहा कि Hezbollah सीज़फायर को तोड़ रहा है और IDF अब पूरी ताकत के साथ कार्रवाई करेगा।
  • Hezbollah का जवाब: Hezbollah ने इस सीज़फायर को बेमतलब बताया है। उनके lawmaker Ali Fayyad ने कहा कि इसराइल के हमलों के बाद अब इस समझौते का कोई मतलब नहीं रहा।
  • इसराइल सरकार का दावा: सरकार के मुताबिक Hezbollah ने कई बार सीज़फायर का उल्लंघन किया है जिससे शांति बातचीत पर असर पड़ा है।

पिछले 48 घंटों में क्या-क्या हुआ?

पिछले दो दिनों में दोनों देशों के बीच हिंसक झड़पें देखी गई हैं। 25 अप्रैल को इसराइल ने दक्षिणी लेबनान में भारी बमबारी की। इस हमले के बाद लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि Nabatieh इलाके के Yohmor al-Shqif में कम से कम 4 लोगों की मौत हुई है।

  • ड्रोन हमला: इसराइल की बमबारी के जवाब में Hezbollah ने 25 अप्रैल को उत्तरी इसराइल की तरफ कई ड्रोन भेजे।
  • सेना की कार्रवाई: Benjamin Netanyahu ने 25 अप्रैल को ही Hezbollah पर बड़े हमले के आदेश दिए थे।
  • कब्जे का मुद्दा: इसराइल ने दक्षिणी लेबनान के एक हिस्से पर कब्जा बनाए रखने की बात कही है, जिसका Hezbollah कड़ा विरोध कर रहा है।

इस लड़ाई में अमेरिका की क्या भूमिका है?

इस पूरे विवाद में अमेरिका एक मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। सीज़फायर समझौता अमेरिका के जरिए ही हुआ था और राष्ट्रपति Donald Trump ने ही इसकी समय सीमा बढ़ाई थी। Benjamin Netanyahu ने स्पष्ट किया कि इसराइल अपनी सुरक्षा के लिए जो भी कदम उठाएगा, वह अमेरिका के साथ तय किए गए नियमों और लेबनान के साथ समन्वय के आधार पर ही होंगे।