इसराइल और हिज़्बुल्लाह के बीच युद्ध रोकने का समझौता हुआ था, लेकिन इसके कुछ ही समय बाद लेबनान के दक्षिणी हिस्से में फिर से हमले शुरू हो गए. अमेरिका और कतर की मदद से हुए इस समझौते के बाद भी हिंसा नहीं रुकी. इस हमले में कई लोगों की जान गई है और हालात फिर तनावपूर्ण हो गए हैं.
जानकारी के मुताबिक 19 जून 2026 को स्थानीय समय के अनुसार शाम 4 बजे से युद्ध विराम (Ceasefire) शुरू होना था. लेकिन इस ऐलान के कुछ ही समय बाद लेबनान की सरकारी एजेंसी ने जेज़ीन इलाके में इसराइली हमले की खबर दी. टायर इलाके में ड्रोन देखे गए और नबातियेह में भारी गोलाबारी हुई.
लेबनानी अधिकारियों ने बताया कि 19 जून की आधी रात से अब तक हुए हमलों में कम से कम 47 लोग मारे गए और 97 घायल हुए हैं. मरने वालों में सात महिलाएं और दो बच्चे भी शामिल हैं. वहीं इसराइल ने दावा किया कि उनके चार सैनिक हिज़्बुल्लाह के हमलों में मारे गए.
इस मामले में बड़े अधिकारियों ने अपनी बात रखी है:
- President Donald Trump: उन्होंने बताया कि उन्होंने इसराइली अधिकारियों से बात की थी और उनसे युद्ध रोकने का अनुरोध किया था.
- Yechiel Leiter (Israeli Ambassador): उन्होंने कहा कि इसराइल ने सुबह 11:30 बजे ही हमले रोक दिए थे, लेकिन वे हिज़्बुल्लाह की हरकतों पर नज़र रख रहे हैं.
- Benjamin Netanyahu: इसराइल के प्रधानमंत्री ने साफ किया कि वे दक्षिणी लेबनान में अपना सुरक्षा क्षेत्र बनाए रखेंगे.
- Joseph Aoun (Lebanese President): उन्होंने इन हमलों की कड़ी निंदा की और इसे खतरनाक बताया.
- Naim Qassem (Hezbollah Leader): उन्होंने कहा कि अगर उन पर हमले हुए तो वे हथियारों से मुकाबला करेंगे.
इसराइल की सेना ने दावा किया कि उन्होंने हिज़्बुल्लाह के 80 से ज़्यादा ठिकानों को निशाना बनाया. दूसरी तरफ हिज़्बुल्लाह ने कहा कि उन्होंने इसराइली टैंकों पर हमला किया क्योंकि इसराइल ने पहले समझौते का उल्लंघन किया. इस हिंसा की वजह से स्विट्जरलैंड में होने वाली अमेरिका और ईरान की महत्वपूर्ण बैठक को भी टाल दिया गया है.