इसराइल की सेना ने हिजबुल्लाह पर दक्षिणी लेबनान में अपने सैनिकों की तरफ रॉकेट दागने का आरोप लगाया है। यह मामला तब सामने आया जब दोनों देशों के बीच अमेरिका की मदद से 10 दिनों का सीज़फायर चल रहा था। इस घटना के बाद इसराइल ने उन लॉन्चरों को तबाह कर दिया जहाँ से हमले किए गए थे।

इसराइल और हिजबुल्लाह के बीच रॉकेट हमला और जवाबी कार्रवाई

इसराइल की सेना यानी IDF ने बताया कि 21 अप्रैल 2026 को हिजबुल्लाह ने दक्षिणी लेबनान के रब अल-थलाथिन इलाके में सैनिकों पर कई रॉकेट दागे और एक ड्रोन भी भेजा। इसके जवाब में इसराइल ने उन लॉन्चरों पर हमला कर उन्हें नष्ट कर दिया। IDF का कहना है कि उनके ऑपरेशन सिर्फ हिजबुल्लाह और मिलिशिया समूहों के खिलाफ हैं और वे लेबनान के आम नागरिकों को निशाना नहीं बना रहे हैं।

लेबनान में अन्य हमले और शांति सैनिकों की मौत

लेबनानी मीडिया और नेशनल न्यूज़ एजेंसी (NNA) ने रिपोर्ट दी है कि सीज़फायर के बावजूद इसराइल ने दक्षिणी लेबनान के कई गांवों में घरों और बुनियादी ढांचे को नष्ट किया। खियम इलाके में एक सरकारी स्कूल की इमारत को भी गिराया गया जिसे लेबनान ने सीज़फायर का उल्लंघन बताया। वहीं, 20 अप्रैल को UNIFIL के शांति सैनिकों पर हमला हुआ जिसमें एक फ्रांसीसी सैनिक की मौत हो गई और तीन घायल हुए। फ्रांस और UNIFIL ने इसका आरोप हिजबुल्लाह पर लगाया है, हालांकि हिजबुल्लाह ने इसमें अपनी भूमिका से इनकार किया है।

दुनिया के बड़े देशों और नेताओं का क्या कहना है

  • फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों: उन्होंने लेबनान की क्षेत्रीय अखंडता का समर्थन किया और शांति सैनिकों पर हमले के लिए हिजबुल्लाह को ज़िम्मेदार ठहराया।
  • अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप: उन्होंने कहा कि वे इस 10 दिन के सीज़फायर को आगे नहीं बढ़ाना चाहते।
  • हिजबुल्लाह: उनके सांसद हसन फदलाल्लाह ने कहा कि वे निशस्त्र नहीं होंगे और इसराइल द्वारा बनाए गए बफर ज़ोन यानी ‘येलो लाइन’ को खत्म करेंगे।
  • लेबनान सरकार: राष्ट्रपति जोसेफ आउन ने संकेत दिया कि वे इसराइल के साथ बातचीत कर युद्ध और कब्ज़े को खत्म करना चाहते हैं।