लेबनान में इसराइली सेना के हमलों ने एक बार फिर भारी तबाही मचाई है। 29 मई 2026 को इसराइली लड़ाकू विमानों और तोपखाने ने दक्षिणी लेबनान के कई कस्बों और शहरों को निशाना बनाया है। इस गोलाबारी में एक मोटरसाइकिल को भी निशाना बनाया गया है। इन ताजा हमलों में कम से कम 28 लोगों की मौत हो गई है और 42 अन्य लोग घायल हुए हैं। अमेरिका की मध्यस्थता में हुआ संघर्षविराम समझौता पूरी तरह से टूटता हुआ दिख रहा है और दोनों तरफ से हमले तेज हो गए हैं।

इसराइली हमलों में कहां-कहां हुआ नुकसान और कितने लोग मारे गए?

इसराइली सेना ने दक्षिणी लेबनान के डबाइन, टायर देब्बा, यातेर, कफ़र और नबातीह प्रांत के इलाकों में ताबड़तोड़ हमले किए हैं। इन हमलों से जुड़े मुख्य आंकड़े इस प्रकार हैं:

  • दक्षिणी शहर टायर में एक मोटरसाइकिल को निशाना बनाकर किए गए हमले में दो लोगों की मौत हो गई।
  • कुल मिलाकर 29 मई 2026 को हुए हमलों में कम से कम 28 लोगों की जान गई है, जिसमें छह बच्चे, पांच महिलाएं और दो लेबनानी सैनिक शामिल हैं।
  • बेरूत के दक्षिणी उपनगर श्वेफ़ात में भी हवाई हमला किया गया, जिसमें एक महिला और दो बच्चों की मौत हो गई। 6 मई के बाद बेरूत के पास यह पहला हमला है।
  • इसराइल ने टायर शहर और उसके आस-पास के इलाकों को तुरंत खाली करने की नई चेतावनी जारी की है।

लेबनान सरकार और संयुक्त राष्ट्र की इस पर क्या प्रतिक्रिया है?

लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने इन हमलों की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत प्रतिबंधित सामूहिक सजा करार दिया है। प्रधानमंत्री ने तुरंत युद्धविराम, लेबनान से इसराइली सेना की पूरी वापसी और पूरे देश पर राज्य का नियंत्रण स्थापित करने की मांग की है।

इसके साथ ही, लेबनान के संस्कृति मंत्री गसान सलामे ने यूनेस्को और अंतरराष्ट्रीय संगठनों से संपर्क किया है ताकि टायर और ब्यूफोर्ट कैसल जैसे ऐतिहासिक स्थलों को बचाया जा सके। विदेश मंत्री यूसुफ रग्गी ने भी टायर शहर पर हो रहे हमलों को तुरंत रोकने की अपील की है। संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने इस तनाव पर गहरी चिंता व्यक्त की है और सभी पक्षों से नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा है।

क्या संघर्षविराम पूरी तरह से खत्म हो चुका है?

अमेरिका की मदद से तैयार किया गया संघर्षविराम समझौता 17 अप्रैल को लागू हुआ था और इसे जुलाई की शुरुआत तक बढ़ाया गया था। हालांकि, दोनों पक्ष लगातार इसका उल्लंघन कर रहे हैं। यूएन शांति सेना (UNIFIL) ने बुधवार, 28 मई 2026 को लगभग 670 मिसाइल और गोले दागे जाने की बात दर्ज की है, जो संघर्षविराम के बाद सबसे बड़ी संख्या है।

हिजबुल्लाह ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए दक्षिणी लेबनान के जावतर अल-शर्कियाह, अरब अल-लुवैजा, कंतारा और हदथा में इसराइली सैनिकों और वाहनों को निशाना बनाने का दावा किया है। दूसरी तरफ, इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सैन्य अभियानों को और तेज करने का एलान किया है, जबकि सरकारी प्रवक्ता डेविड मेंसर का कहना है कि वे हिजबुल्लाह को निशस्त्र करने के लिए बातचीत जारी रखेंगे।

Frequently Asked Questions (FAQs)

इसराइल और लेबनान के बीच संघर्षविराम कब लागू हुआ था?

दोनों देशों के बीच अमेरिका की मध्यस्थता में संघर्षविराम 17 अप्रैल को लागू हुआ था, जिसे बाद में जुलाई की शुरुआत तक के लिए बढ़ा दिया गया था।

29 मई 2026 को हुए हमलों में कुल कितने लोग मारे गए हैं?

इन हमलों में कम से कम 28 लोगों की मौत हुई है और 42 लोग घायल हुए हैं, जिनमें बच्चे, महिलाएं और लेबनानी सैनिक भी शामिल हैं।

क्या बेरूत के पास भी कोई हमला हुआ है?

हां, बेरूत के दक्षिणी उपनगर श्वेफ़ात में एक इसराइली हवाई हमला हुआ है, जिसमें एक महिला और दो बच्चों की मौत हुई है। 6 मई के बाद से राजधानी के पास यह पहला हमला है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.