Lebanon में हालात बहुत खराब हो गए हैं। इसराइल के हवाई हमलों में अब तक 2,500 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि अमेरिका की मदद से युद्ध विराम तय हुआ था, लेकिन फिर भी हमले नहीं रुके। लाखों लोग अपना घर छोड़कर भागने को मजबूर हैं और लेबनानी सेना के जवान भी घायल हुए हैं।

लेबनान में कितने लोग मारे गए और कितने बेघर हुए?

Lebanon के स्वास्थ्य मंत्रालय और कैबिनेट के डिजास्टर रिस्क मैनेजमेंट यूनिट ने आधिकारिक आंकड़े जारी किए हैं। इनके मुताबिक, 2 मार्च 2026 से अब तक 2,534 लोग मारे गए और 7,863 लोग घायल हुए हैं। हमलों की वजह से मची अफरातफरी में 1,16,000 से ज्यादा लोग विस्थापित हुए हैं, जबकि कुछ रिपोर्ट के अनुसार यह संख्या 10 लाख के पार पहुंच गई है। 27 अप्रैल को भी इसराइल ने दक्षिण लेबनान के लोगों को घर खाली करने का नया आदेश दिया।

युद्ध विराम (Ceasefire) के बावजूद हमले क्यों जारी हैं?

इसराइल और लेबनान के बीच अमेरिका ने 16 अप्रैल 2026 को 10 दिनों का अस्थायी युद्ध विराम कराया था। बाद में 23 अप्रैल को इसे तीन हफ्ते के लिए और बढ़ा दिया गया। लेकिन जमीन पर हालात अलग थे और दोनों तरफ से नियमों का उल्लंघन हुआ।

  • इसराइल: हवाई हमले और जमीनी ऑपरेशन जारी रखे।
  • हिजबुल्लाह: इसराइल के उल्लंघन का जवाब देने के लिए ड्रोन और रॉकेट हमले किए।
  • नुकसान: 25 अप्रैल को हिजबुल्लाह के ड्रोन हमले में एक इसराइली सैनिक मारा गया और छह घायल हुए।

आगे क्या होगा और इसराइल का क्या कहना है?

इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने 27 अप्रैल को साफ कर दिया कि बातचीत और युद्ध विराम के बावजूद हमले जारी रहेंगे। इसराइल की सेना लेबनान के अंदर एक ‘सिक्योरिटी जोन’ में तैनात रहेगी। इसराइल ने स्थायी समझौते के लिए मई के मध्य तक की समय सीमा तय की है। अगर तब तक कोई ठोस फैसला नहीं हुआ, तो सैन्य कार्रवाई और तेज कर दी जाएगी।

Frequently Asked Questions (FAQs)

लेबनान में अब तक कुल कितने लोग मारे गए हैं?

लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, 2 मार्च 2026 से अब तक इसराइली हवाई हमलों में 2,534 लोगों की जान गई है और 7,863 लोग घायल हुए हैं।

युद्ध विराम (Ceasefire) का समझौता किसने कराया था?

इस अस्थायी युद्ध विराम को अमेरिका ने brokered किया था, जो 16 अप्रैल 2026 को शुरू हुआ और बाद में इसे तीन हफ्ते और बढ़ाया गया।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.