लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि सोमवार 2 मार्च 2026 को इजरायली हमलों में कम से कम 31 लोगों की मौत हुई है। इस हमले में करीब 149 लोग घायल हुए हैं। यह तनाव हिजबुल्लाह द्वारा इजरायल पर किए गए रॉकेट हमलों के जवाब में बढ़ा है। इस युद्ध की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में अचानक तेजी आ गई है।
🗞️: बहरीन में मिसाइल का मलबा गिरने से एक एशियाई मजदूर की मौत, दो अन्य गंभीर रूप से घायल।
हमले से जुड़ी मुख्य जानकारी और नुकसान
इजरायली हमलों का असर दक्षिणी लेबनान और बेरूत के उपनगरीय इलाकों में सबसे ज्यादा देखा गया। इजरायली सेना ने दक्षिण लेबनान के करीब 55 गांवों को खाली करने का आदेश दिया है।
- मौतों का आंकड़ा: अब तक 31 लोगों के मरने की पुष्टि हुई है
- घायलों की संख्या: लगभग 149 लोग घायल हुए हैं
- प्रभावित क्षेत्र: दक्षिणी लेबनान, दहिह और बेका घाटी
- विस्थापन: बेरूत के स्कूलों को विस्थापित परिवारों के लिए खोल दिया गया है
कच्चे तेल की कीमतों और प्रवासियों पर असर
युद्ध के कारण वैश्विक बाजार में कच्चे तेल (Brent Crude) की कीमत 7.8% बढ़कर 78.55 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई है। खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे यात्रा और जरूरी सामान की कीमतों पर असर पड़ सकता है।
| असर का क्षेत्र | विवरण |
|---|---|
| तेल की कीमत | 7.8% की बड़ी उछाल दर्ज की गई |
| यात्रा निर्देश | ब्रिटेन और कनाडा ने लेबनान यात्रा न करने की सलाह दी |
| नया नियम | सीमावर्ती गांवों के लोगों को 1000 मीटर दूर जाने का आदेश |
| सैनिक तैनाती | इजरायल ने 1 लाख रिजर्व सैनिकों को मोर्चे पर भेजा |
लेबनान में पहले से ही आर्थिक संकट चल रहा है और नए ईंधन टैक्स की वजह से वहां विरोध प्रदर्शन हो रहे थे। अब इन हमलों ने स्थिति को और खराब कर दिया है। इजरायली सेना ने लोगों को निर्देश दिया है कि वे अपने घरों से कम से कम 1000 मीटर की दूरी बना लें। अमेरिका ने बेरूत दूतावास से अपने गैर-जरूरी कर्मियों को हटाना शुरू कर दिया है।
