इसराइल के रक्षा मंत्री इसराइल काट्ज़ ने साफ़ कर दिया है कि दक्षिणी लेबनान में उनका सैन्य अभियान किसी भी हाल में नहीं रुकेगा। इस घोषणा के बाद से पूरे इलाके में तनाव चरम पर पहुंच गया है। ताज़ा हमलों में कई आम नागरिकों की मौत हो गई है और हज़ारों लोग बेरूत छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर भाग रहे हैं। अमेरिका की तरफ से तनाव कम करने की कोशिशों के बावजूद दोनों तरफ से भारी गोलीबारी और बमबारी जारी है।

इसराइल ने लेबनान को लेकर क्या बड़ा फैसला लिया है?

इसराइल के रक्षा मंत्री इसराइल काट्ज़ ने 2 जून 2026 को घोषणा की कि दक्षिणी लेबनान में इसराइली सेना का अभियान हर हाल में जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उत्तरी इसराइल में शांति नहीं होगी, तो बेरूत में भी शांति नहीं रहने दी जाएगी। इसके साथ ही इसराइली सेना दक्षिणी लेबनान में लिटानी नदी के आसपास एक सैन्य-नियंत्रित क्षेत्र स्थापित करने की योजना पर काम कर रही है। इससे पहले 1 जून 2026 को प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और रक्षा मंत्री काट्ज़ ने सेना को बेरूत के दक्षिणी उपनगरों पर हमला करने का निर्देश दिया था, जिसके बाद से हज़ारों लोग राजधानी छोड़कर चले गए हैं।

जमीन पर क्या हैं ताज़ा हालात और कितना हुआ नुकसान?

दक्षिणी लेबनान में इसराइली सेना के हमले लगातार जारी हैं। 2 जून 2026 को हुए ड्रोन हमलों में आठ लोगों की मौत हो गई, जिसमें एक पिता और उनके दो बच्चे शामिल हैं। इसराइली वायु सेना और तोपखाने ने नबातियेह, शुकित और कफ़्र तिबनित जैसे गांवों को निशाना बनाया है। वहीं दूसरी तरफ, हिज़बुल्लाह ने भी इसराइली सैनिकों और उत्तरी इसराइल के नागरिक क्षेत्रों को निशाना बनाकर दर्जनों रॉकेट और ड्रोन दागे हैं। इससे पहले 1 जून को इसराइली सेना ने लिटानी नदी पार करके ऐतिहासिक ब्यूफोर्ट कैसल पर कब्ज़ा कर लिया था, जिसे पिछले 20 वर्षों में इसराइल की सबसे गहरी पैठ माना जा रहा है।

वैश्विक स्तर पर क्या हो रही है चर्चा?

इसराइल के इस कदम की दुनिया भर में आलोचना हो रही है। फ्रांस, जर्मनी, ब्रिटेन और कई अरब देशों ने इसराइली सैन्य अभियान की निंदा की है। फ्रांस की मांग पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक आपातकालीन बैठक भी बुलाई गई है। दूसरी तरफ, ईरान ने चेतावनी जारी करते हुए उत्तरी इसराइल के नागरिकों को अपने घर खाली करने को कहा है। अप्रैल 2026 में अमेरिका की मध्यस्थता में एक सीज़फायर समझौता हुआ था, और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी तनाव कम करने का आश्वासन दिया था, लेकिन ज़मीन पर इसका कोई असर देखने को नहीं मिल रहा है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

इसराइल के रक्षा मंत्री ने क्या बड़ी चेतावनी दी है?

रक्षा मंत्री इसराइल काट्ज़ ने कहा है कि दक्षिणी लेबनान में सैन्य अभियान जारी रहेगा और यदि उत्तरी इसराइल सुरक्षित नहीं रहता है, तो बेरूत में भी शांति नहीं रहने दी जाएगी।

ताज़ा हमलों में लेबनान में कितना नुकसान हुआ है?

2 जून 2026 को हुए हमलों में आठ लोगों की मौत हुई है और इसराइली सेना ने लिटानी नदी के पार ब्यूफोर्ट कैसल पर कब्ज़ा कर लिया है, जिसके बाद हज़ारों लोग बेरूत छोड़ रहे हैं।

सीज़फायर को लेकर हिज़बुल्लाह का क्या रुख है?

हिज़बुल्लाह के सांसद हसन फद्लल्लाह ने कहा है कि उनका समूह पूर्ण सीज़फायर का समर्थन करेगा, बशर्ते इसराइली सेना लेबनान की सीमा से पूरी तरह पीछे हट जाए।