लेबनान और इसराइल के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुँच गया है। 27 अप्रैल को हुए हमलों में लेबनान के 14 लोग मारे गए, जिनमें बच्चे और महिलाएं भी शामिल थीं। इस बीच हिज़्बुल्लाह ने भी ड्रोन हमलों से जवाब दिया, जिससे इसराइल का एक सैनिक मारा गया और कई अन्य घायल हुए। दोनों देशों के बीच हुआ युद्धविराम अब खतरे में नजर आ रहा है।

लेबनान में क्या हुआ और कितने लोग मारे गए?

लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि रविवार को हुए इसराइल के हमलों में 14 लोगों की मौत हुई और 37 लोग घायल हो गए। मरने वालों में दो महिलाएं और दो बच्चे भी शामिल थे। युद्धविराम शुरू होने के बाद से यह अब तक का सबसे घातक दिन रहा। इसराइल की सेना (IDF) ने लितानी नदी के उत्तर में स्थित सात गांवों के निवासियों को तुरंत वहां से निकलने की चेतावनी दी थी, जिसके बाद उन इलाकों में हमले किए गए।

हिज़्बुल्लाह का हमला और इसराइल की प्रतिक्रिया क्या रही?

हिज़्बुल्लाह ने इसराइल के सैनिकों पर एक विस्फोटक ड्रोन हमला किया, जिसमें 19 साल के सैनिक इदान फूक्स की मौत हो गई और छह अन्य घायल हुए। यह हमला तब हुआ जब सैनिक एक खराब टैंक को ठीक करने की कोशिश कर रहे थे। इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि उनकी सेना खतरों को खत्म करने के लिए पूरी ताकत से काम कर रही है और वे हिज़्बुल्लाह पर युद्धविराम तोड़ने का आरोप लगाते हैं। दूसरी ओर, हिज़्बुल्लाह ने साफ किया है कि जब तक इसराइल अपनी हरकतें बंद नहीं करता, वे हमले जारी रखेंगे।

संयुक्त राष्ट्र और ceasefire की वर्तमान स्थिति क्या है?

17 अप्रैल को लागू हुआ युद्धविराम 23 अप्रैल को तीन हफ्ते के लिए बढ़ाया गया था। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने सभी पक्षों से इस समझौते का पूरी तरह पालन करने और अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों का सम्मान करने की अपील की है। हालांकि, इसराइल और हिज़्बुल्लाह दोनों एक-दूसरे पर ceasefire के उल्लंघन का आरोप लगा रहे हैं, जिससे राजनयिक कोशिशें नाकाम होती दिख रही हैं।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com