दक्षिणी लेबनान में इसराइली सेना के बढ़ते हमलों के बाद भारी भगदड़ मच गई है और लोग अपनी जान बचाने के लिए घरों को छोड़कर भाग रहे हैं। इसराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने मंगलवार, 27 मई 2026 को घोषणा की कि उनके सैनिक लेबनान में जमीनी कार्रवाई को और तेज कर रहे हैं। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, ताज़ा हमलों में कम से कम 31 लोगों की मौत हो गई है, जिनमें बच्चे और महिलाएं भी शामिल हैं। अमेरिका और ईरान के बीच भी तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है जिससे क्षेत्र में स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है।

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लेबनान में इसराइली सेना की कार्रवाई और तबाही का पूरा विवरण

इसराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि सेना लेबनान के सीमावर्ती क्षेत्रों में एक बफर ज़ोन मजबूत करने के लिए आगे बढ़ रही है। इस बीच, इसराइली सेना ने नबातियाह सहित दक्षिणी लेबनान के 20 गांवों के लोगों को तुरंत घर खाली करने और ज़हरानी नदी के उत्तर में जाने की चेतावनी जारी की है। इस ताज़ा चेतावनी के बाद से ही क्षेत्र में अफरातफरी का माहौल है।

  • भारी जनहानि: लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, हमलों में कम से कम 31 लोगों की मौत हुई है और 40 से अधिक लोग घायल हुए हैं। इससे पहले 26 मई को बेका घाटी के मशघरा में हुए हमले में 11 लोग मारे गए थे।
  • विस्थापन संकट: मार्च 2026 से अब तक लेबनान में लगभग 10 लाख लोग विस्थापित हो चुके हैं और कई परिवार बेरुत की सड़कों पर वाहनों में रातें बिताने को मजबूर हैं।
  • स्वास्थ्य सेवाओं पर हमला: विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने बताया है कि 21 से 24 मई के बीच स्वास्थ्य केंद्रों पर 9 हमले दर्ज किए गए, जिनमें 8 स्वास्थ्य कर्मियों की मौत हुई है। नबातियाह में एक नागरिक सुरक्षा केंद्र भी तबाह हो गया है।

अमेरिका और ईरान के बीच भी बढ़ा तनाव, दागे गए ड्रोन

इसराइल और लेबनान के बीच जारी जंग के बीच अमेरिका और ईरान में भी सीधे टकराव के संकेत मिले हैं। ईरान ने 27 मई 2026 को दक्षिणी ईरान में अमेरिकी हमलों की कड़ी निंदा की और इसे संघर्ष विराम समझौते का उल्लंघन बताया है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने दावा किया है कि उन्होंने एक अमेरिकी ड्रोन को मार गिराया है। हालांकि, अमेरिकी सेना ने इन हमलों को रक्षात्मक बताया है।

दूसरी तरफ, हिजबुल्लाह ने दावा किया है कि उसने आगे बढ़ती इसराइली सेना का मुकाबला किया और एक ड्रोन हमले में इसराइली मर्कावा टैंक को नष्ट कर दिया। संघर्ष विराम लागू होने के बावजूद दोनों तरफ से हमले जारी हैं और संयुक्त राष्ट्र की शांति सेना (UNIFIL) ने सीमा पर भारी हवाई उल्लंघन दर्ज किए हैं। कतर में अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता चल रही है, लेकिन गतिरोध अभी भी बना हुआ है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

इसराइल द्वारा दक्षिणी लेबनान में की जा रही सैन्य कार्रवाई का क्या उद्देश्य है?

इसराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के अनुसार, इस सैन्य अभियान का मुख्य उद्देश्य उत्तरी इसराइल के सीमावर्ती इलाकों को सुरक्षित करना और दक्षिणी लेबनान में एक मजबूत बफर ज़ोन स्थापित करना है।

लेबनान में आम नागरिकों और स्वास्थ्य सेवाओं पर इस संघर्ष का क्या असर पड़ा है?

इस संघर्ष के कारण लगभग 10 लाख लोग विस्थापित हो चुके हैं। ताज़ा हमलों में 31 नागरिकों की मौत हुई है और विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार स्वास्थ्य केंद्रों पर हुए हमलों में 8 स्वास्थ्य कर्मियों की जान गई है।

अमेरिका और ईरान के बीच ताज़ा विवाद की क्या वजह है?

ईरान ने दक्षिणी ईरान में अमेरिकी हमलों को संघर्ष विराम का उल्लंघन बताया है और एक अमेरिकी ड्रोन मार गिराने का दावा किया है, जबकि अमेरिकी सेना ने इन हमलों को अपने बचाव में की गई कार्रवाई बताया है।