लेबनान और इसराइल के बीच चल रहे तनाव में एक नया और बड़ा मोड़ आया है। इसराइल के रक्षा मंत्री Israel Katz ने साफ कह दिया है कि अगर उनके सैनिकों को कोई भी खतरा महसूस हुआ, तो वे पूरी ताकत का इस्तेमाल करेंगे। यह आदेश तब आया है जब दोनों देशों के बीच अमेरिका की मदद से सीज़फायर चल रहा है और दुनिया शांति की उम्मीद कर रही थी।

इसराइल ने क्या आदेश दिए और क्या है सेना का नया प्लान?

रक्षा मंत्री Israel Katz और प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने सेना (IDF) को निर्देश दिया है कि वे अपनी सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जाएं। सेना को सीमा के पास उन घरों को हटाने को कहा गया है जिन्हें Hezbollah अपने ठिकाने के तौर पर इस्तेमाल कर रहा था। इसके अलावा, दक्षिणी लेबनान में एक ‘Yellow Line’ बनाई गई है जिसे ‘Forward Defense Line’ कहा जा रहा है। इस लाइन के दक्षिण में पांच डिवीजन और नौसेना तैनात हैं ताकि Hezbollah के नेटवर्क को खत्म किया जा सके।

सीज़फायर के बीच क्या हैं ताज़ा हालात?

16 अप्रैल 2026 को अमेरिका की मदद से 10 दिन का अस्थायी सीज़फायर लागू हुआ था। इसके तहत इसराइल को अपनी सुरक्षा के लिए कदम उठाने की छूट दी गई है। लेकिन इस दौरान भी एक इसराइली सैनिक की मौत हो गई है और सेना ने एक आतंकी सेल को खत्म किया है। दूसरी तरफ, Hezbollah नेता Naim Qassem ने मांग की है कि जब तक इसराइल अपनी सेना पूरी तरह वापस नहीं लेता और हमले बंद नहीं करता, तब तक शांति नहीं होगी।

दुनिया के बड़े देशों का इस विवाद पर क्या कहना है?

इस लड़ाई में अब दुनिया के और भी देश शामिल हो रहे हैं। फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron जल्द ही लेबनान के प्रधानमंत्री Nawaf Salam से पेरिस में मिलेंगे ताकि सीज़फायर को बचाने पर बात हो सके। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को चेतावनी दी है कि अगर पाकिस्तान में होने वाली बातचीत में सही डील नहीं हुई, तो ईरान के पावर प्लांट और पुलों पर हमले किए जा सकते हैं। संयुक्त राष्ट्र ने भी UNIFIL सैनिकों पर हुए हमले की कड़ी निंदा की है जिसमें एक फ्रांसीसी शांति सैनिक की मौत हो गई।

विवाद से जुड़ी मुख्य जानकारियाँ

कौन/क्या मुख्य अपडेट/कार्रवाई
Israel Katz सेना को ‘फुल फोर्स’ इस्तेमाल करने का आदेश दिया
Hezbollah इसराइल की पूरी वापसी और हमलों को रोकने की मांग की
Donald Trump ईरान के पावर प्लांट पर हमले की चेतावनी दी
Emmanuel Macron लेबनान के प्रधानमंत्री से मुलाकात करेंगे
UNIFIL एक फ्रांसीसी शांति सैनिक की जान गई
IDF सेना दक्षिणी लेबनान में ‘Yellow Line’ बनाई
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.