लेबनान और इसराइल के बीच जंग एक बार फिर तेज हो गई है। हिजबुल्लाह ने दक्षिण लेबनान में इसराइली सेना के ठिकानों को निशाना बनाया, वहीं इसराइल ने भी भीषण हवाई हमले किए हैं। इस टकराव का असर अब तेल अवीव जैसे बड़े शहरों तक पहुँच गया है, जिससे पूरे इलाके में डर का माहौल है। अमेरिका अब इन दोनों देशों के बीच बातचीत कराने की कोशिश कर रहा है।
हमले में क्या-क्या हुआ और कहाँ असर पड़ा?
हिजबुल्लाह ने दक्षिण लेबनान के तायबेह और बिंत जुबैल के पास इसराइली सैनिकों के ठिकानों पर हमले किए। इसके अलावा, तेल अवीव, हाइफा और नाहरिया जैसे शहरों की तरफ रॉकेट दागे गए। इसराइल की वायुसेना ने लेबनान के नबातिये शहर में हमला किया, जिसमें लेबनान की स्टेट सिक्योरिटी के 10 से 13 जवान मारे गए। इसराइल ने दावा किया कि उन्होंने लेबनान में हिजबुल्लाह के 120 ठिकानों को तबाह कर दिया है।
वाशिंगटन में होने वाली बातचीत और विवाद क्या है?
अगले हफ्ते वाशिंगटन में लेबनान सरकार और इसराइल के बीच सीधी बातचीत होनी है, जिसमें अमेरिका बीच-बचाव करेगा। लेकिन हिजबुल्लाह ने इस बातचीत को खारिज कर दिया है और कहा कि पहले युद्धविराम होना चाहिए। वहीं, अमेरिका और ईरान के बीच हुए युद्धविराम में लेबनान शामिल है या नहीं, इस बात पर विवाद है। ईरान और पाकिस्तान का कहना है कि लेबनान इसमें शामिल है, जबकि अमेरिका और इसराइल इसे नकार रहे हैं।
जंग में अब तक के नुकसान का ब्योरा
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| लेबनान में कुल मौतें (2 मार्च से) | 1,953 से ज्यादा |
| 8 अप्रैल को लेबनान में मौतें | 357 लोग |
| इसराइल का दावा (हिजबुल्लाह सदस्य) | 180 सदस्य मारे गए |
| निशाना बनाए गए हिजबुल्लाह ठिकाने | लगभग 100 से 120 |
| इसराइली सैन्य नुकसान | एक रिजर्व जवान गंभीर घायल |
