Israel-Lebanon Conflict: इसराइल ने लेबनान में मारे 3 हिजबुल्लाह लड़ाके, सीज़फायर के बीच फिर बढ़ा तनाव

लेबनान और इसराइल के बीच चल रहे तनाव के बीच एक बड़ी खबर आई है. इसराइली सेना ने दावा किया है कि उन्होंने दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह के तीन लड़ाकों को मार गिराया है. दोनों देशों के बीच 17 अप्रैल से 10 दिनों का सीज़फायर चल रहा था, लेकिन अब फिर से हमले शुरू हो गए हैं जिससे हालात बिगड़ सकते हैं.

सीज़फायर के बावजूद क्यों हो रहे हैं हमले?

इसराइली सेना के मुताबिक 23 अप्रैल को तीन और 22 अप्रैल को एक हिजबुल्लाह सदस्य मारा गया. सीज़फायर शुरू होने के बाद से अब तक कुल 25 लड़ाके मारे जा चुके हैं. दूसरी तरफ, Hezbollah ने कहा कि उन्होंने भी इसराइली सेना के ठिकानों पर तीन हमले किए और एक ड्रोन गिराया. हिजबुल्लाह का दावा है कि ये हमले इसराइल द्वारा सीज़फायर के नियमों को तोड़ने का जवाब हैं.

इसराइल ने यह भी बताया कि उन्होंने एक संदिग्ध ड्रोन को हवा में मार गिराया. वहीं लेबनान के कुछ इलाकों में इसराइली सेना द्वारा घरों को तोड़ने और जलाने की खबरें भी आई हैं, जिसे अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन माना जा रहा है.

UNIFIL और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की चेतावनी

संयुक्त राष्ट्र की शांति सेना UNIFIL ने चेतावनी दी है कि हालात बहुत खतरनाक हो सकते हैं और उन्होंने तुरंत स्थायी सीज़फायर की मांग की है. UN के अधिकारी जीन-पियरे लाक्रोइक्स ने कहा कि लेबनान की ज़मीन पर इसराइली सेना की मौजूदगी Resolution 1701 का उल्लंघन है.

फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बैरोट ने कहा कि फ्रांस के हस्तक्षेप की वजह से ही अब तक बातचीत और सीज़फायर संभव हो पाया है. वहीं, इस संघर्ष के बीच पत्रकार अमल खलील की भी एक हमले में मौत हो गई है.

शांति के लिए क्या हो रही है कोशिश?

लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन ने बताया कि सीज़फायर को आगे बढ़ाने के लिए वाशिंगटन में बातचीत चल रही है. लेबनान चाहता है कि इस समझौते की अवधि को एक महीने तक बढ़ाया जाए और इसराइल गांवों को तोड़ने का काम बंद करे.

अमेरिका इस समय दोनों देशों के बीच बातचीत करवाने में मुख्य भूमिका निभा रहा है ताकि युद्ध को पूरी तरह खत्म किया जा सके. फिलहाल दुनिया की नजरें वाशिंगटन में होने वाली इस मीटिंग पर टिकी हैं.