लेबनान और इसराइल के बीच सीज़फ़ायर यानी युद्धविराम होने के बावजूद तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। दक्षिण लेबनान के बिंत जबेल इलाके में इसराइली सेना ने हमला कर हिजबुल्लाह के 6 लड़ाकों को मार गिराया है। यह घटना उस समय हुई है जब अमेरिकी राष्ट्रपति ने हाल ही में युद्धविराम की अवधि को और बढ़ाने की घोषणा की थी।
इसराइल ने कैसे किया हमला और क्या था मामला?
इसराइल की सेना IDF ने बताया कि उनके पैराट्रूपर्स ब्रिगेड के सैनिकों और हिजबुल्लाह के बंदूकधारियों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें दो लोग मारे गए। इसके बाद एक इमारत पर हमला किया गया जहाँ चार और लड़ाके छिपे थे, जिन्हें मार दिया गया। इसराइल का कहना है कि हिजबुल्लाह ने सीज़फ़ायर के नियमों का खुला उल्लंघन किया था। इस पूरी घटना में किसी भी इसराइली सैनिक के घायल होने की खबर नहीं है।
सीज़फ़ायर की क्या स्थिति है और हिजबुल्लाह ने क्या कहा?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 23 अप्रैल 2026 को इस सीज़फ़ायर को तीन हफ्ते के लिए आगे बढ़ाया था। लेकिन हिजबुल्लाह ने इस समझौते को बेमतलब बताया है। उनका कहना है कि इसराइल लगातार हमले, हत्याएं और गांवों को तबाह करने का काम कर रहा है, इसलिए उन्हें इसका जवाब देने का पूरा हक है। हिजबुल्लाह ने दावा किया है कि उन्होंने एक इसराइली ड्रोन को मार गिराया और उत्तरी इसराइल के Shtula इलाके में रॉकेट दागे।
संयुक्त राष्ट्र (UN) ने क्या चेतावनी दी?
UN के महासचिव एंटोनियो गुट्रेस ने सीज़फ़ायर के विस्तार का स्वागत किया और सभी पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की। वहीं, UN की मानवाधिकार शाखा की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि लेबनान में हुए हमलों से आम नागरिकों और मेडिकल स्टाफ को भारी नुकसान पहुँचा है। रिपोर्ट में इसराइल द्वारा व्हाइट फास्फोरस के इस्तेमाल और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के उल्लंघन की बात भी कही गई है।
