लेबनान के सशस्त्र गुट हिजबुल्लाह ने उत्तरी इसराइल के कई इलाकों में रॉकेटों की बारिश कर दी है. इस हमले में श्लोमी और एवेन मेनाकेम को मुख्य रूप से निशाना बनाया गया है. हिजबुल्लाह ने दावा किया है कि उसने यह कार्रवाई लेबनान की रक्षा और अपने समर्थकों के मारे जाने के जवाब में की है. इस हमले के बाद पूरे इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई है और सीमा पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है.

हिजबुल्लाह के हमले में क्या-क्या हुआ?

हिजबुल्लाह की तरफ से जारी जानकारी के मुताबिक 7 अप्रैल 2026 को इसराइली सैन्य ठिकानों और बस्तियों पर कुल 44 हमले किए गए. इसमें रॉकेट और मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया है. नहारिया और किरयात शमोना जैसे शहरों में सायरन बजने लगे और लोग सुरक्षित जगहों की ओर भागे. ईरान, हिजबुल्लाह और हूतियों के बीच तालमेल के साथ ये हमले किए जा रहे हैं जिससे हालात और बिगड़ सकते हैं. हिजबुल्लाह का कहना है कि यह मार्च महीने से जारी इसराइली हमलों का एक कड़ा जवाब है.

सुरक्षा के लिए उठाए गए जरूरी कदम और चेतावनी

इसराइली सेना ने अपने नागरिकों को सुरक्षित रखने के लिए सायरन की चेतावनी का समय बढ़ा दिया है. पहले जहां लोगों को छिपने के लिए बहुत कम वक्त मिलता था, अब उसे कुछ इलाकों में बढ़ा दिया गया है ताकि लोग सुरक्षित बंकरों तक पहुँच सकें.

स्थान नया चेतावनी समय
22 उत्तरी इलाके 15 से 30 सेकंड
14 अन्य संवेदनशील इलाके 30 से 45 सेकंड

संयुक्त राष्ट्र की शांति सेना UNIFIL ने दोनों देशों के बीच बढ़ती गोलाबारी पर चिंता जताई है. उन्होंने चेतावनी दी है कि ऐसी हरकतों से बड़े युद्ध की शुरुआत हो सकती है, इसलिए दोनों पक्षों को तुरंत रुक जाना चाहिए. इस बीच इसराइली सेना भी लेबनान के अंदर हिजबुल्लाह के ठिकानों पर लगातार बमबारी कर रही है.

Sushma Kumari

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