लेबनान में एक बार फिर युद्ध जैसा माहौल बन गया है। इसराइल का दावा है कि वह हिजबुल्ला के लड़ाकों को मार रहा है, लेकिन ज़मीनी हकीकत कुछ और ही दिख रही है। ताज़ा हमलों में मासूम बच्चे और महिलाएं मारी गई हैं, जिससे पूरी दुनिया में तनाव बढ़ गया है और अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं इस पर सवाल उठा रही हैं।

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लेबनान में क्या हुआ और कितने लोग मारे गए?

लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने जानकारी दी कि 30 अप्रैल 2026 को दक्षिण लेबनान के तीन गांवों में इसराइली हमलों ने भारी तबाही मचाई। इन हमलों में 9 लोगों की जान गई, जिनमें 2 बच्चे और 5 महिलाएं शामिल थीं। इसके अलावा 23 लोग घायल हुए हैं, जिनमें 8 बच्चे और 7 महिलाएं हैं। दूसरी तरफ, IDF चीफ ऑफ स्टाफ Lt. Gen. Eyal Zamir ने साफ कहा कि ज़मीन पर कोई युद्धविराम (ceasefire) नहीं है और वे अपनी सुरक्षा के लिए ऑपरेशन जारी रखेंगे।

दुनिया और मानवाधिकार विशेषज्ञों का क्या कहना है?

संयुक्त राष्ट्र (UN) के विशेषज्ञों ने इसराइल की कार्रवाई पर गहरी चिंता जताई है। उनका कहना है कि लेबनान में जिस तरह से बस्तियां उजाड़ी जा रही हैं, वह अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन है। International Bar Association’s Human Rights Institute (IBAHRI) ने भी कहा कि राजनीतिक बातों के नाम पर बल का प्रयोग करना गलत है। अंतरराष्ट्रीय कानून विशेषज्ञों के मुताबिक, लोगों को घर छोड़ने की चेतावनी देना एक तरह से ज़बरदस्ती विस्थापन जैसा है, जो कि कानूनन मना है।

क्या लेबनान में भी गाज़ा जैसा हाल होगा?

इसराइल के रक्षा मंत्री Israel Katz ने संकेत दिए कि दक्षिण लेबनान का हश्र भी गाज़ा जैसा ही होगा। इसराइल वहां एक ‘बफर ज़ोन’ बनाने की कोशिश कर रहा है और उसने कई गांवों को तबाह कर दिया है। वहीं, हिजबुल्ला ने नए तरह के फाइबर-ऑप्टिक नियंत्रित ड्रोन का इस्तेमाल शुरू किया है। ड्रोन एक्सपर्ट Robert Tollast के मुताबिक ये ड्रोन बेहद घातक हैं क्योंकि इन्हें जैम करना या रोकना बहुत मुश्किल है। लेबनान के राष्ट्रपति Joseph Aoun और स्पीकर Nabih Berri ने इस मामले की जांच के लिए एक अंतरराष्ट्रीय कमेटी बनाने की मांग की है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

लेबनान और इसराइल के बीच युद्धविराम (Ceasefire) की क्या स्थिति है?

16 अप्रैल 2026 को युद्धविराम लागू हुआ था, जिसे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तीन हफ्ते के लिए बढ़ाया था। लेकिन इसराइल और हिजबुल्ला दोनों ने इसे मानने से इनकार किया और हमले जारी रखे।

हिजबुल्ला के नए ड्रोन इतने खतरनाक क्यों माने जा रहे हैं?

ये ड्रोन फाइबर-ऑप्टिक कंट्रोल से चलते हैं, जिसकी वजह से इन्हें इलेक्ट्रॉनिक तरीके से जैम या इंटरसेप्ट करना लगभग नामुमकिन होता है, जिससे ये अधिक घातक हो जाते हैं।