इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने साफ कर दिया है कि लेबनान में कोई युद्धविराम नहीं है। उन्होंने कहा कि जब तक उत्तरी इसराइल के लोगों की सुरक्षा पक्की नहीं हो जाती और Hezbollah पूरी तरह निशस्त्र नहीं हो जाता, तब तक सैन्य अभियान पूरी ताकत से जारी रहेंगे। इस बीच उन्होंने लेबनान सरकार के साथ सीधी बातचीत शुरू करने के निर्देश भी दिए हैं ताकि एक ऐतिहासिक शांति समझौता हो सके।

🚨: Pakistan-Iran Talks: पाकिस्तानी जेट्स ने ईरानी प्रतिनिधिमंडल को दिया हवाई कवर, लेकिन ईरान ने मीटिंग से किया इनकार

नेतन्याहू की शर्तें और लेबनान का रुख क्या है?

प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने अपनी कैबिनेट को लेबनान सरकार के साथ जल्द से जल्द बातचीत शुरू करने को कहा है। उनका मुख्य लक्ष्य Hezbollah को निशस्त्र करना है। दूसरी तरफ लेबनान के राष्ट्रपति Joseph Aoun का कहना है कि इस संकट का एकमात्र समाधान युद्धविराम ही है। लेबनान की सरकार और Hezbollah सांसद Ali Fayyad ने स्पष्ट किया है कि किसी भी बातचीत से पहले युद्धविराम होना जरूरी है।

दुनिया भर के देशों की इस मामले पर क्या प्रतिक्रिया है?

इस लड़ाई पर दुनिया के कई देशों ने अपनी राय रखी है। Oman के विदेश मंत्रालय ने इसराइल के हमलों की निंदा करते हुए इन्हें युद्ध अपराध और लेबनान की संप्रभुता का उल्लंघन बताया है। अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा कि लेबनान उस व्यापक अमेरिका-ईरान युद्धविराम समझौते का हिस्सा नहीं था और उन्होंने नेतन्याहू से हमलों को कम करने को कहा। ईरान ने अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते के उल्लंघन का आरोप लगाया है और बातचीत से हटने की धमकी दी है।

ताजा हालात और नुकसान की जानकारी

विवरण जानकारी
मुख्य तारीख 10 अप्रैल 2026
हताहतों की संख्या दो दिनों में 300 से ज्यादा लेबनानी नागरिक
सैन्य कार्रवाई IDF ने Hezbollah के लॉन्च साइट्स पर हमले जारी रखे
संभावित अपडेट अगले हफ्ते अमेरिका में युद्धविराम वार्ता हो सकती है