8 अप्रैल 2026 को लेबनान की ओर से उत्तरी इसराइल पर रॉकेट दागे गए जिसके जवाब में इसराइली सेना ने लेबनान में भीषण हवाई हमले किए हैं. करीब 9 घंटे की शांति के बाद अचानक शुरू हुई इस गोलाबारी ने सीमावर्ती इलाकों में दहशत पैदा कर दी है. इसराइल ने लेबनान के बेरूत और अन्य दक्षिणी इलाकों में 100 से ज्यादा ठिकानों को निशाना बनाया है जिसमें भारी संख्या में लोग हताहत हुए हैं. यह हमला उस समय हुआ जब क्षेत्र में शांति की उम्मीद जताई जा रही थी.

लेबनान और इसराइल के बीच ताजा स्थिति की पूरी जानकारी

इसराइल की मीडिया के अनुसार लेबनान से दागे गए रॉकेट गलीली के खुले इलाके में गिरे जिससे कोई बड़ी चोट नहीं आई लेकिन सायरन बजने से लोग सुरक्षित ठिकानों की ओर भागे. इसके कुछ ही घंटों बाद इसराइली वायुसेना के 50 लड़ाकू विमानों ने लेबनान पर 160 बम गिराए. लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने पुष्टि की है कि इस एक दिन के हमले में 182 लोगों की मौत हुई है और 890 लोग घायल हुए हैं जो इस संघर्ष का सबसे बड़ा आंकड़ा है. इसराइल ने बेरूत के दक्षिणी उपनगरों और टायर शहर के निवासियों को घर खाली करने की चेतावनी दी है.

सीजफायर और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया पर क्या बोले नेता

अमेरिका और ईरान के बीच हुए हालिया संघर्ष विराम समझौते को लेकर दुनिया भर में चर्चा है लेकिन इसराइल ने इसे लेबनान पर लागू करने से मना कर दिया है. प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने स्पष्ट किया है कि हिजबुल्लाह के खिलाफ हमले जारी रहेंगे क्योंकि उन्हें इस समझौते का हिस्सा नहीं माना जा रहा है. वहीं संयुक्त राष्ट्र की शांति सेना (UNIFIL) ने दोनों पक्षों से लड़ाई रोकने की अपील की है क्योंकि उनके ठिकानों के पास भी रॉकेट गिरने की खबरें आई हैं. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने कहा है कि शांति के लिए लेबनान को भी समझौते में शामिल करना चाहिए.

मुख्य जानकारी विवरण
तारीख 8 अप्रैल 2026
मृतकों की संख्या 182 (लेबनान में)
घायलों की संख्या 890 (लेबनान में)
हवाई हमले 100 ठिकानों पर 160 बम
प्रभावित क्षेत्र बेरूत, टायर और दक्षिणी लेबनान