लेबनान के दक्षिणी हिस्से में इसराइल की सेना ने भारी तबाही मचाई है। कई गांवों को पूरी तरह खंडहर में बदल दिया गया है। हाल ही में हुए हमलों में एक पत्रकार की मौत हो गई और कई अन्य लोग मारे गए। इस तनाव के बीच अब अमेरिका में शांति के लिए बातचीत होने वाली है ताकि हिंसा को रोका जा सके।

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लेबनान में क्या हुआ और कौन लोग मारे गए?

23 अप्रैल 2026 को इसराइल ने दक्षिणी लेबनान में कई हमले किए। इसमें al-Tayri और Yohmor al-Shqif जैसे इलाके ज्यादा प्रभावित हुए। इन हमलों में पांच लोगों की जान गई, जिनमें पत्रकार अमल खलील भी शामिल थीं। वहीं फोटोग्राफर ज़ैनब फराज मलबे में दब गई थीं, जिन्हें बाद में बचा लिया गया। लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने इसराइल पर पत्रकारों को निशाना बनाने और युद्ध अपराध करने का आरोप लगाया है।

सीजफायर और शांति वार्ता की क्या स्थिति है?

इसराइल और लेबनान के दूत 23 अप्रैल को वॉशिंगटन में मिलने वाले थे। इस बैठक का मुख्य मकसद 10 दिन के सीजफायर (युद्धविराम) को आगे बढ़ाना है। अमेरिका इस पूरी बातचीत में बीच का रास्ता निकालने की कोशिश कर रहा है। लेबनान चाहता है कि सीजफायर की अवधि बढ़ाई जाए ताकि गांवों में हो रहे विनाश को रोका जा सके। वहीं इसराइल का कहना है कि वह हिजबुल्लाह के ठिकानों को खत्म करने के लिए अपनी सैन्य कार्रवाई जारी रखेगा।

हिजबुल्लाह और इसराइल की सेना के बीच क्या टकराव हुआ?

हिजबुल्लाह ने इसराइल की एक आर्टिलरी पोजीशन पर ड्रोन हमला किया, जिसे इसराइल की सेना ने हवा में ही मार गिराया। हिजबुल्लाह ने दावा किया कि यह हमला सीजफायर के उल्लंघन का जवाब था। दूसरी तरफ IDF ने बताया कि उन्होंने सीजफायर से पहले हिजबुल्लाह के सैकड़ों लड़ाकों और लगभग 300 ठिकानों को तबाह किया था। इसराइल ने लेबनान की सीमा के अंदर 5 से 10 किलोमीटर तक अपनी एक रक्षा रेखा बनाई हुई है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.