इजरायल और लेबनान के बीच चल रहा संघर्ष अब एक खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। राजनीतिक मामलों के जानकार प्रोफेसर Ziad Majed ने Al Jazeera को बताया कि दक्षिणी लेबनान में इजरायल की कार्रवाई लंबे समय तक अस्थिरता पैदा कर सकती है। उनके अनुसार, इजरायल बड़े पैमाने पर लोगों को विस्थापित करने और वहां के बुनियादी ढांचे को पूरी तरह नष्ट करने की रणनीति पर काम कर रहा है। यह स्थिति पूरे क्षेत्र के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।

लेबनान में अब तक कितना हुआ जान-माल का नुकसान?

23 मार्च 2026 तक की रिपोर्ट के अनुसार, इजरायली सैन्य ऑपरेशनों में अब तक 1,000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। लेबनान की लगभग 20 प्रतिशत आबादी यानी करीब 10 लाख लोग अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाने को मजबूर हुए हैं। इजरायली सेना ने दक्षिणी लेबनान के 80 से अधिक गांवों और कस्बों को खाली करने का आदेश जारी किया है। इसके साथ ही Litani River पर बने पुलों को भी नष्ट किया गया है ताकि संपर्क पूरी तरह टूट जाए।

संघर्ष के बीच क्या हैं मुख्य ताजा अपडेट?

  • Hezbollah की कार्रवाई: संगठन ने पिछले 24 घंटों में रिकॉर्ड 63 ऑपरेशन किए हैं और इजरायली सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है।
  • डिप्लोमैटिक दबाव: अमेरिका और फ्रांस की तरफ से लेबनानी सेना पर Hezbollah को निहत्था करने के लिए दबाव डालने की खबरें आ रही हैं।
  • अंतरराष्ट्रीय चिंता: कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली और ब्रिटेन जैसे देशों ने सैन्य अभियान रोकने और राजनीतिक समाधान निकालने की अपील की है।
  • कानूनी सवाल: Human Rights Watch जैसी संस्थाओं ने भारी विस्थापन और हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन माना है।

Al Jazeera की रिपोर्ट के अनुसार, इजरायल की रणनीति में नागरिकों को बड़े पैमाने पर हटाना शामिल है, जो अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत जांच के दायरे में आ सकता है। जमीनी कार्रवाई और हवाई हमलों के बीच आम नागरिकों की सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती बन गई है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.