इसराइल की सेना ने दक्षिण लेबनान के कई कस्बों और गाँवों के लोगों को तुरंत घर छोड़ने का आदेश दिया है। यह आदेश उस समय आया है जब Hezbollah के साथ लड़ाई रोकने के लिए एक समझौता हुआ था। इस नए आदेश से इलाके में डर का माहौल है क्योंकि अब उन जगहों को भी खाली करने को कहा गया है जो इसराइल के कब्जे से बाहर थे।
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लेबनान में इसराइल ने क्या आदेश दिए और क्या हुआ
2 मई 2026 को इसराइल की सेना के प्रवक्ता Avichay Adraee ने अरबी भाषा में एक पोस्ट जारी की। इसमें लोगों से तुरंत अपने घर छोड़कर कम से कम 1,000 मीटर दूर खुले इलाकों में जाने को कहा गया। यह चेतावनी Nabatieh जिले के 10 से ज़्यादा गाँवों और कस्बों के लिए थी। इस दौरान हुए हमलों में Kfar Dajjal और Al-Louaizeh जैसे इलाकों में कई लोगों की जान गई।
Hezbollah की जवाबी कार्रवाई और सेना का एक्शन
3 मई 2026 को इसराइल ने जानकारी दी कि उसने Hezbollah के लगभग 70 सैन्य ढांचों और 50 बुनियादी ढांचे वाली जगहों को तबाह कर दिया। दूसरी तरफ Hezbollah ने इसराइली सैनिकों पर हमले किए। उनका कहना था कि यह हमला इसराइल द्वारा ceasefire के नियमों को तोड़ने के जवाब में किया गया। लेबनान की नेशनल न्यूज़ एजेंसी ने भी बताया कि इन हमलों में Sammaiyeh जैसे कस्बों में कई मौतें हुईं।
अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं और देशों का क्या कहना है
चीन के राजदूत Fu Cong ने कहा कि लेबनान में असल में कोई ceasefire नहीं है और उन्होंने UNIFIL के मिशन को खत्म करने के फैसले पर फिर से विचार करने की मांग की। वहीं Human Rights Watch और UN ने चिंता जताई है कि लाखों लोगों को इस तरह घर छोड़ने पर मजबूर करना अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ हो सकता है क्योंकि यहforced displacement की श्रेणी में आता है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
इसराइल ने लेबनान के लोगों को घर खाली करने का आदेश क्यों दिया
इसराइल की सेना ने सैन्य ऑपरेशन्स के चलते दक्षिण लेबनान के कई गाँवों के निवासियों को तुरंत घर छोड़कर कम से कम 1,000 मीटर दूर खुले इलाकों में जाने का आदेश दिया है।
ceasefire के बावजूद हमले क्यों हो रहे हैं
Hezbollah का दावा है कि इसराइल ने ceasefire के नियमों का उल्लंघन किया है, जिसके जवाब में उन्होंने हमले किए। वहीं इसराइल Hezbollah के सैन्य ढांचों को निशाना बना रहा है।