दक्षिणी लेबनान के बिंत जबेल (Bint Jbeil) शहर में इसराइली सेना ने एक FPV ड्रोन के जरिए एक व्यक्ति को मार गिराया. इस घटना को लेकर अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवाद खड़ा हो गया है क्योंकि आरोप है कि हमला होने से पहले वह व्यक्ति घायल था. इसराइल ने दावा किया है कि मारा गया व्यक्ति हिज़्बुल्लाह का एक लड़ाका था जिसे खत्म करना जरूरी था.

बिंत जबेल में ड्रोन हमले का पूरा मामला क्या है?

यह घटना 13 अप्रैल 2026 के आसपास की है जब इसराइली सेना के Egoz कमांडो यूनिट ने बिंत जबेल में एक ड्रोन हमला किया. इसराइल के मुताबिक, यह व्यक्ति हिज़्बुल्लाह का एक सदस्य था जो ड्रोन हमलों की योजना बना रहा था. दूसरी तरफ, रिपोर्ट्स में कहा गया है कि वह व्यक्ति हमले के वक्त पहले से ही घायल था, जिससे जिनेवा कन्वेंशन के नियमों के उल्लंघन की बात सामने आई है.

इलाके में और क्या बड़ी घटनाएं हुईं?

बिंत जबेल इलाके में इस वक्त तनाव बहुत ज्यादा है और वहां भीषण लड़ाई चल रही है. इसी दौरान 13 अप्रैल को लेबनानी रेड क्रॉस के एक पैरामेडिक हसन बदावी भी इसराइली ड्रोन हमले में मारे गए. वह एक मानवीय मिशन पर थे और उन्होंने UNIFIL के साथ तालमेल भी किया था. इसराइल ने पिछले 24 घंटों में लेबनान में लगभग 150 हिज़्बुल्लाह ठिकानों पर हमले किए हैं.

जिनेवा कन्वेंशन और ड्रोन नियमों का क्या कहना है?

  • अंतरराष्ट्रीय कानून: युद्ध के दौरान घायल सैनिकों, जिन्हें अब खतरा नहीं माना जाता, उन पर हमला करना मना है.
  • ICRC गाइडलाइन: ड्रोन ऑपरेटरों को हमला करते समय सैन्य लक्ष्यों और आम लोगों के बीच साफ फर्क करना होता है.
  • IDF का बयान: इसराइली सेना ने कहा कि वे इस घटना की जांच कर रहे हैं और किसी भी आम नागरिक को नुकसान होने पर खेद जताया है.
Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com