Israel Defense Forces (IDF) ने दक्षिण Lebanon के लोगों के लिए एक बार फिर निकासी का आदेश जारी किया है। सेना ने लोगों से तुरंत अपने घर छोड़ने और Zahrani River के उत्तर की ओर सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा है। यह आदेश ऐसे समय में आया है जब इलाके में हवाई हमले जारी हैं और Hezbollah के खिलाफ सैन्य अभियान तेज कर दिया गया है।
निकासी का आदेश क्यों जारी हुआ और क्या है नियम?
IDF के अरबी प्रवक्ता Avich Adrai ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर यह चेतावनी दी। उन्होंने साफ कहा कि ज़हरानी नदी के दक्षिण में रहना जान के लिए खतरा हो सकता है क्योंकि वहाँ हिजबुल्लाह की गतिविधियाँ चल रही हैं। यह चेतावनी बुधवार, 15 अप्रैल, 2026 को जारी की गई। इससे पहले मार्च और अप्रैल की शुरुआत में भी कई बार ऐसे आदेश दिए गए थे।
डिप्लोमैटिक बातचीत के बीच क्यों बढ़ी सैन्य कार्रवाई?
हैरानी की बात यह है कि यह आदेश मंगलवार को वाशिंगटन में इजरायल और लेबनान के राजदूतों के बीच हुई सीधी बातचीत के ठीक बाद आया है। कूटनीतिक स्तर पर बातचीत तो चल रही है, लेकिन जमीन पर हालात अभी भी बहुत तनावपूर्ण हैं। इजरायली सेना ने दक्षिणी लेबनान में अपना ऑपरेशन तेज कर दिया है और वहाँ एक बफर ज़ोन बनाने का इरादा जताया है।
युद्ध और विस्थापन का अब तक क्या असर हुआ?
| विवरण | आँकड़े |
|---|---|
| विस्थापित लोग | 10 लाख से ज्यादा |
| नष्ट हुए घर | लगभग 40,000 |
| कुल मौतें | 2,000 से ज्यादा |
लेबनानी अधिकारियों के मुताबिक, इजरायली सेना के इन आदेशों और हमलों की वजह से लाखों लोग बेघर हो गए हैं। इजरायल ने यह भी कहा है कि वह सीमावर्ती इलाकों के गाँवों को ध्वस्त कर रहा है और दक्षिण से विस्थापित हुए लोग वापस नहीं लौट पाएंगे।
