दक्षिणी लेबनान में एक बार फिर डर का माहौल बन गया है। Israeli military ने कई गांवों के लोगों को तुरंत घर खाली करने की चेतावनी दी है। हैरान करने वाली बात यह है कि यह सब तब हो रहा है जब अमेरिका ने युद्धविराम की अवधि को बढ़ाया था, जिससे आम लोगों के बीच असुरक्षा बढ़ गई है।

किन गांवों को खाली करने का आदेश मिला है?

इसराइल की सेना ने दक्षिणी लेबनान के कई इलाकों में रहने वालों को वहां से हटने का आदेश दिया है। जिन गांवों के लिए यह चेतावनी जारी हुई है, उनमें ये शामिल हैं:

  • Mefdon
  • Shukin
  • Yahmar
  • Arnoun
  • Zoter Sharqiya
  • Zoter Gharbiya

सेना ने साफ तौर पर कहा है कि लोग “yellow line” यानी सीमा के पास करीब 10 किलोमीटर चौड़े इलाके में वापस न लौटें।

युद्धविराम के बावजूद क्यों हो रहे हैं हमले?

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने 25 अप्रैल को 10 दिन के युद्धविराम को और तीन हफ्ते के लिए बढ़ा दिया था। लेकिन इस फैसले के बाद भी हिंसा नहीं रुकी। लेबनान के सरकारी मीडिया ने बताया कि 26 अप्रैल को फिर से इसराइली हमले हुए, जिसमें छह लोगों की जान गई।

Israeli Prime Minister Benjamin Netanyahu ने बयान दिया कि इसराइल किसी भी खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र है। उन्होंने Hezbollah पर युद्धविराम को तोड़ने का आरोप लगाया। दूसरी तरफ, Hezbollah के नेता Ali Fayyad ने कहा कि जब हमले जारी हैं, तो सीजफायर बढ़ाने का कोई मतलब नहीं है और वे जवाबी कार्रवाई करेंगे।

IDF और Hezbollah के बीच ताज़ा संघर्ष

IDF प्रवक्ता के मुताबिक, उनकी सेना दक्षिणी लेबनान में Hezbollah के हथियारों और ठिकानों को तबाह करने के लिए काम कर रही है। सेना ने दावा किया कि उन्होंने एक गाड़ी में तीन और एक मोटरसाइकिल पर एक operative को खत्म किया है। साथ ही लेबनान से दागी गई दो मिसाइलों को बीच में ही रोक दिया गया। जवाब में Hezbollah ने दक्षिण लेबनान में एक इसराइली सैन्य वाहन पर हमला किया।