इजरायल ने लेबनान में अपना सैन्य अभियान और तेज कर दिया है। 16 मार्च 2026 को इजरायली सेना (IDF) ने बेरुत के दक्षिणी उपनगरों में रहने वाले लोगों के लिए तत्काल निकासी का आदेश जारी किया है। इसके साथ ही इजरायल के रक्षा मंत्री Israel Katz ने लेबनान में जमीनी हमले की आधिकारिक पुष्टि कर दी है। इस घोषणा के तुरंत बाद इजरायली युद्धक विमानों ने Dahieh इलाके में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर कई हवाई हमले किए हैं।

किन इलाकों को खाली करने का दिया गया आदेश

इजरायली सेना के प्रवक्ता Avichay Adraee ने सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को चेतावनी दी है। लोगों को निर्देश दिया गया है कि वे चिन्हित इमारतों और उनके आस-पास की जगहों को तुरंत छोड़ दें। सुरक्षा के लिहाज से लोगों को कम से कम 500 मीटर की सुरक्षित दूरी पर जाने को कहा गया है।

  • Haret Hreik
  • Ghobeiry
  • Laylaki
  • Hadath
  • Bourj el-Barajneh
  • Tahwitat al-Ghadir
  • Shiyah

इसके अलावा दक्षिणी लेबनान के 16 कस्बों और गांवों को भी तुरंत खाली करने का निर्देश दिया गया है। रक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया है कि जब तक उत्तरी इजरायल की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो जाती विस्थापित लोगों को Litani नदी के दक्षिण में वापस लौटने की अनुमति नहीं मिलेगी।

लेबनान में मानवीय संकट और नुकसान का आंकड़ा

लगातार हो रहे हमलों के कारण लेबनान में हालात काफी खराब हो गए हैं। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार 2 मार्च 2026 से अब तक लगभग 850 लोगों की जान जा चुकी है। अब तक 830,000 से अधिक लोग विस्थापित हो चुके हैं जो अपना घर छोड़ने को मजबूर हैं।

संयुक्त राष्ट्र (UN) ने इस संकट से प्रभावित 10 लाख लोगों की मदद के लिए 308 मिलियन डॉलर की तत्काल अपील की है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव António Guterres ने चेतावनी दी है कि दक्षिणी लेबनान एक बंजर भूमि में बदल सकता है। वर्तमान में लेबनान सरकार द्वारा बनाए गए 567 आधिकारिक शेल्टरों में करीब 120,000 लोग शरण लिए हुए हैं।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.