लेबनान के दक्षिणी इलाके में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। Israeli military ने एक बड़े ऑपरेशन में हिजबुल्लाह के तीन लड़ाकों को मार गिराया है। इस दौरान इसराइल ने ‘Yellow Line’ के उत्तर में मौजूद बुनियादी ढांचे को भी निशाना बनाया। इस हमले में एक इसराइली सैनिक हल्का घायल हुआ जिसे अस्पताल भेज दिया गया है।
लेबनान में इसराइली हमला और हताहतों की जानकारी क्या है?
29 अप्रैल 2026 को IDF ने पुष्टि की कि उन्होंने दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह के तीन लड़ाकों को खत्म कर दिया। इस ऑपरेशन का मकसद हिजबुल्लाह के ठिकानों को नष्ट करना था। वहीं 28 अप्रैल को लेबनान के Majdal Zoun गांव में एक हमले में लेबनानी सेना के दो जवान घायल हो गए। इसराइल ने लेबनान के 16 गांवों के लोगों को वहां से तुरंत निकलने का आदेश दिया है।
ईरान की मदद से बनी सुरंगों पर क्या एक्शन लिया गया?
इसराइल ने Qantara शहर में हिजबुल्लाह की दो बड़ी सुरंगों को पूरी तरह तबाह कर दिया। रिपोर्ट के मुताबिक इन सुरंगों को बनाने में ईरान ने पैसा और तकनीक दी थी। इन्हें उड़ाने के लिए 450 टन विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया। इसराइल के रक्षा मंत्री Israel Katz ने सेना को निर्देश दिए हैं कि दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह का कोई भी ढांचा मिले तो उसे तुरंत नष्ट कर दिया जाए।
सीजफायर और हिजबुल्लाह का क्या कहना है?
अमेरिका की मदद से 17 अप्रैल 2026 को एक सीजफायर हुआ था, जिसे तीन हफ्ते और बढ़ाया गया है। लेकिन जमीन पर लड़ाई जारी है और यह समझौता कमजोर पड़ता दिख रहा है। हिजबुल्लाह प्रमुख Naim Qassem ने साफ कह दिया है कि वे इसराइल के साथ किसी भी तरह की सीधी बात नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि वे अपने हथियार नहीं छोड़ेंगे और प्रतिरोध जारी रखेंगे।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लेबनान में ‘Yellow Line’ क्या है?
यह इसराइल द्वारा तय की गई एक ‘Forward Defence Line’ है। इसके जरिए सेना यह तय करती है कि ऑपरेशन किस इलाके में चलाने हैं और इसे पार करना सीजफायर का उल्लंघन माना जाता है।
इसराइल और हिजबुल्लाह के बीच सीजफायर की क्या स्थिति है?
17 अप्रैल 2026 से शुरू हुआ अमेरिकी मध्यस्थता वाला सीजफायर अब और तीन हफ्ते के लिए बढ़ाया गया है, लेकिन दोनों पक्षों के बीच हमले जारी हैं।