इजराइल और लेबनान के बीच सीमा पर हालात बेहद गंभीर हो गए हैं। 29 मार्च 2026 को हिजबुल्लाह ने इजराइली सैन्य ठिकानों पर बड़े हमले करने का दावा किया है। इन हमलों में रॉकेट, ड्रोन और मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया है जिससे इजराइली सेना को नुकसान पहुंचा है। लेबनान में जारी इजराइली हमलों की वजह से अब तक भारी संख्या में आम लोगों और पत्रकारों की मौत हो चुकी है।

हिजबुल्लाह के हमलों में क्या-क्या हुआ?

हिजबुल्लाह ने पिछले 24 घंटों में इजराइल के खिलाफ करीब 30 से ज्यादा ऑपरेशन चलाए हैं। इसमें इजराइल के उत्तरी हिस्से और दक्षिणी लेबनान में मौजूद सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया है।

  • सफेद (Safed) के पास मौजूद महावा अलोन और बेरिया सैन्य बेस पर ड्रोन और मिसाइलों से हमला किया गया।
  • इजराइली सेना के एक सैनिक की मौत हो गई है और 9 अन्य सैनिक घायल हुए हैं।
  • लेबनान के अंदर मौजूद इजराइली बख्तरबंद गाड़ियों और सैनिकों पर रॉकेट दागे गए हैं।
  • हिजबुल्लाह के मुताबिक 2 मार्च से अब तक उनके कुल ऑपरेशनों की संख्या 967 तक पहुंच गई है।
  • इजराइल के एक मेरकावा (Merkava) टैंक को भी हमले में निशाना बनाया गया है।

लेबनान सरकार का फैसला और अंतरराष्ट्रीय असर

लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने एक बड़ा बयान देते हुए हिजबुल्लाह की सैन्य गतिविधियों पर पाबंदी लगाने की बात कही है। उन्होंने हिजबुल्लाह से हथियार डालने और देश की सुरक्षा को खतरे में न डालने की अपील की है। युद्ध की वजह से क्षेत्रीय तनाव भी बढ़ रहा है।

देश/संस्था ताजा जानकारी
लेबनान स्वास्थ्य मंत्रालय इजराइली हमलों में अब तक 1,189 लोगों की मौत और 3,427 घायल हुए हैं।
पत्रकार इजराइली हमले में अल-मनार और अल-मयादीन के 3 पत्रकारों की जान गई है।
ईरान और हूती ईरान और यमन के हूतियों ने इजराइल पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए हैं।
कुवैत और ओमान कुवैत ने हवाई हमलों को रोका है और ओमान ने अपनी जमीन पर हुए हमलों की निंदा की है।

पेंटागन की ओर से भी ईरान में संभावित जमीनी सैन्य कार्रवाई की खबरें सामने आ रही हैं, हालांकि अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है। संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि लेबनान के हालात गाजा जैसे नहीं होने चाहिए।