लेबनान में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है. इसराइल की सेना ने लेबनान के कई इलाकों में हिज़्बुल्लाह के ठिकानों को निशाना बनाकर बड़े हमले किए हैं. इस हमले के बाद दक्षिण लेबनान और बेका घाटी के कई गांवों में रहने वाले लोगों को तुरंत वहां से हटने और खुले इलाकों में जाने की चेतावनी दी गई है.

🗞️: ईरान और अमेरिका-इसराइल जंग का बड़ा नुकसान, रेड क्रीसेंट के 129 मिलियन डॉलर डूबे, UAE और ओमान भी निशाने पर.

इसराइल ने लेबनान में हमले क्यों किए और क्या नुकसान हुआ?

Israeli military (IDF) ने बताया कि उन्होंने लेबनान के अलग-अलग हिस्सों में हिज़्बुल्लाह के आतंकी ठिकानों पर हमले किए हैं. इसराइल का कहना है कि दक्षिण लेबनान में उनके सैनिकों के पास ड्रोन धमाके हुए थे, जिसके जवाब में यह कार्रवाई की गई. सैन्य आंकड़ों के मुताबिक, 3 मई 2026 को ही लगभग 70 सैन्य ढांचे और 50 बुनियादी ठिकानों को तबाह किया गया था.

  • हमले की वजह: इसराइली सैनिकों के पास ड्रोन विस्फोट की घटनाएं.
  • नुकसान: बेका इलाके के ज़ेलया टाउन में नगरपालिका प्रमुख अली कासिम अहमद और उनके परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई.
  • चेतावनी: सेना ने दर्जनों गांवों के लोगों को कम से कम 1,000 मीटर दूर जाने को कहा है.

लेबनान सरकार और हिज़्बुल्लाह का क्या कहना है?

लेबनान की सरकारी समाचार एजेंसी (NNA) ने इन हमलों में कई लोगों के हताहत होने की खबर दी है. लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने इसराइल की इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की है. उन्होंने साफ कह दिया है कि जब तक सुरक्षा समझौता नहीं होता और हमले बंद नहीं होते, वह इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से नहीं मिलेंगे. वहीं, लेबनान सरकार ने हिज़्बुल्लाह को भी अपने हथियार सरकार को सौंपने की सलाह दी है.

दूसरी ओर, हिज़्बुल्लाह ने दावा किया है कि उन्होंने इसराइली सैन्य ठिकानों पर रॉकेट और आत्मघाती ड्रोन से हमला किया है. हिज़्बुल्लाह का कहना है कि यह उनके द्वारा किए गए जवाबी हमले हैं.

अमेरिका की भूमिका और युद्धविराम (Ceasefire) की स्थिति क्या है?

अमेरिका ने 17 अप्रैल 2026 को एक युद्धविराम कराया था, जिसे 17 मई 2026 तक बढ़ाया गया था. इस समझौते के तहत इसराइल को किसी भी संभावित हमले को रोकने के लिए कार्रवाई करने का हक दिया गया था. हालांकि, दोनों पक्ष एक-दूसरे पर इस समझौते को तोड़ने का आरोप लगा रहे हैं.

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने 6 मई 2026 को कहा कि यह तनाव ईरान समर्थित हिज़्बुल्लाह की वजह से है, न कि लेबनान या इसराइल सरकार की वजह से. उन्होंने कहा कि अगर लेबनानी सेना हिज़्बुल्लाह को निशस्त्र करने की हिम्मत दिखाए, तो शांति समझौता आसानी से हो सकता है.

Frequently Asked Questions (FAQs)

इसराइल और लेबनान के बीच युद्धविराम कब तक लागू था?

अमेरिका द्वारा कराया गया युद्धविराम 17 अप्रैल 2026 से शुरू हुआ था और इसे 17 मई 2026 तक के लिए बढ़ाया गया था.

इसराइल ने लेबनान में किन ठिकानों को निशाना बनाया?

इसराइल ने हिज़्बुल्लाह के कथित बुनियादी ढांचों और सैन्य ठिकानों पर हमला किया, जिसमें 3 मई को ही लगभग 70 सैन्य ढांचे और 50 साइट्स को तबाह किया गया था.