इसराइल और लेबनान के बीच होगी ऐतिहासिक बातचीत, अमेरिका ने कराई मुलाकात, पीएम नेतन्याहू और राष्ट्रपति औन करेंगे चर्चा
इसराइल और लेबनान के बीच पिछले तीन दशकों में पहली बार बड़े स्तर पर डिप्लोमैटिक बातचीत शुरू हुई है. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इसे एक ऐतिहासिक कदम बताया है. वॉशिंगटन डी.सी. में हुई शुरुआती मुलाकातों के बाद अब दोनों देशों के शीर्ष नेताओं के बीच सीधी बात होने की तैयारी है.
बातचीत कब हुई और अब आगे क्या होगा?
14 अप्रैल 2026 को वॉशिंगटन में इसराइल और लेबनान के बीच पहली सीधी बातचीत हुई, जिसकी मेजबानी अमेरिका ने की. रिपोर्ट्स के मुताबिक, 17 अप्रैल को इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu और लेबनान के राष्ट्रपति Joseph Aoun के बीच सीधी बात हो सकती है. अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने कहा कि यह एक लंबी प्रक्रिया है और इसमें समय लगेगा. अमेरिकी विदेश विभाग ने उम्मीद जताई है कि इन बातचीत से युद्धविराम और सुरक्षा सहयोग की दिशा में काम होगा.
दोनों देशों की मुख्य मांगें क्या हैं?
इसराइल का मुख्य जोर अपने नागरिकों की सुरक्षा और लेबनान से Hezbollah के प्रभाव को पूरी तरह खत्म करने पर है. वहीं, लेबनान ने युद्धविराम, मानवीय राहत और विस्थापित लोगों की वापसी की मांग की है. Hezbollah ने इन बातचीत को पूरी तरह खारिज कर दिया है और कहा है कि वह किसी भी समझौते को नहीं मानेगा. इसराइल ने साफ किया है कि वह Hezbollah के निशस्त्रीकरण और शांतिपूर्ण संबंधों पर चर्चा करने को तैयार है.
बातचीत से जुड़े प्रमुख लोग और उनकी भूमिका
| देश/संस्था | प्रमुख व्यक्ति | मुख्य भूमिका/स्टैंड |
|---|---|---|
| इसराइल | Benjamin Netanyahu | Hezbollah के निशस्त्रीकरण पर जोर |
| लेबनान | Joseph Aoun | युद्धविराम और संप्रभुता की मांग |
| अमेरिका | Donald Trump | बातचीत की मेजबानी और मध्यस्थता |
| अमेरिका | Marco Rubio | प्रक्रिया को समय लेने वाला बताया |
| Hezbollah | – | बातचीत को पूरी तरह खारिज किया |