इसराइल का लेबनान पर भीषण हमला, 250 से ज़्यादा लोगों की मौत, ईरान ने फिर बंद किया होर्मुज का रास्ता.
मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुँच गया है जहाँ इसराइल ने लेबनान पर मार्च के बाद का सबसे घातक हमला किया है। बुधवार को हुई इस बमबारी में 200 से ज़्यादा लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है और सैकड़ों लोग घायल हैं। इस घटना के बाद अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली शांति वार्ता पर काले बादल मँडराने लगे हैं और ईरान ने समुद्री व्यापार के लिए अहम रास्ता बंद कर दिया है।
लेबनान में इसराइली हमले से जुड़ी बड़ी बातें
- हमले की जगह: इसराइल ने बेरूत, बेका घाटी, माउंट लेबनान और सिडन सहित दक्षिणी लेबनान के गांवों को निशाना बनाया।
- जान-माल का नुकसान: लेबनान स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार 203 मौतें हुई हैं जबकि सिविल डिफेंस का कहना है कि यह आंकड़ा 250 के पार है।
- सैन्य कार्रवाई: इसराइली सेना ने मात्र 10 मिनट के भीतर 100 से ज़्यादा ठिकानों पर हमले किए जिन्हें वह सैन्य ठिकाने बता रही है।
- लेबनान का पक्ष: लेबनान के प्रधानमंत्री ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताया है और देश में राष्ट्रीय शोक घोषित किया है।
ईरान और अमेरिका समझौते पर ताजा अपडेट
ईरान ने इसराइली हमलों के विरोध में होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से बंद करने का ऐलान किया है जो वैश्विक व्यापार के लिए बहुत ज़रूरी है। ईरान का कहना है कि जब तक लेबनान पर हमले नहीं रुकते तब तक युद्धविराम का कोई मतलब नहीं है। इस स्थिति की गंभीरता को नीचे दी गई तालिका से समझा जा सकता है:
| विषय | ताजा स्थिति |
|---|---|
| समझौता | 7-8 अप्रैल को हुआ 2 हफ्ते का युद्धविराम अब खतरे में |
| अमेरिकी रुख | डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि लेबनान का मामला इस समझौते से अलग है |
| शांति वार्ता | शनिवार को पाकिस्तान के इस्लामाबाद में बातचीत प्रस्तावित है |
| ईरान की शर्त | सभी मोर्चों पर युद्ध बंद हो और अमेरिका प्रतिबंध हटाए |
खाड़ी देशों और प्रवासियों पर क्या होगा असर
ईरान और इसराइल के बीच बढ़ते इस तनाव का सीधा असर खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों पर पड़ सकता है। होर्मुज का रास्ता बंद होने से तेल की सप्लाई और जहाज़ों की आवाजाही प्रभावित होती है जिससे महंगाई बढ़ने का डर रहता है। पाकिस्तान में शनिवार को होने वाली बातचीत पर सबकी नज़रें टिकी हैं क्योंकि अगर वहां कोई ठोस फैसला नहीं हुआ तो मिडिल ईस्ट की स्थिति और बिगड़ सकती है। अमेरिका की तरफ से उप-राष्ट्रपति JD Vance इस बातचीत की कमान संभालेंगे। सुरक्षा के लिहाज़ से पाकिस्तान ने भी अपनी राजधानी में कड़े इंतज़ाम किए हैं।




