लेबनान में इसराइल के सैन्य हमलों की वजह से हालात बहुत खराब हो गए हैं। करीब 10 लाख से ज़्यादा लोग अपने घर छोड़कर भागने पर मजबूर हुए हैं, जो देश की आबादी का करीब पांचवा हिस्सा है। कई परिवार अब बीरूत के स्कूलों और सरकारी इमारतों में भारी भीड़ के बीच रहने को मजबूर हैं, जबकि बहुतों के पास रहने के लिए कोई छत तक नहीं है।

लेबनान में कितने लोग बेघर हुए और हालात क्या हैं?

UN Refugee Agency के आंकड़ों के मुताबिक 16 अप्रैल 2026 तक लेबनान सरकार के पास 12 लाख से ज़्यादा विस्थापित लोग दर्ज थे। मार्च 2026 में शुरू हुई लड़ाई की वजह से 10 लाख से ज़्यादा लोग बेघर हुए। इनमें से 1.33 लाख लोग देश के अलग-अलग सामूहिक शेल्टर में रह रहे हैं। Lebanese Red Cross बीरूत के एक स्टेडियम में सबसे बड़ा शेल्टर चला रहा है, जहाँ 1,000 से ज़्यादा विस्थापित लोग शरण लिए हुए हैं।

दक्षिणी लेबनान में ताज़ा हमले और नुकसान क्या है?

1 मई 2026 को इसराइल ने दक्षिणी लेबनान में कई हवाई हमले किए, जिसमें कम से कम 10 लोगों की मौत हुई। हब्बौश गांव में हुए हमले में एक महिला और बच्चे समेत छह लोग मारे गए और आठ घायल हुए। इसराइली सेना ने यहाँ के लोगों को इलाका खाली करने का आदेश दिया था। जवाब में Hezbollah ने उत्तरी इसराइल पर रॉकेट और ड्रोन दागे, जिससे दो सैनिक घायल हुए। इसके बाद IDF होम फ्रंट कमांड ने उत्तरी इसराइल में शैक्षिक गतिविधियों और जमावड़े पर पाबंदी लगा दी है।

UN और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने क्या चेतावनी दी है?

संयुक्त राष्ट्र (UN) के विशेषज्ञों ने 13 अप्रैल 2026 को कहा कि उन जगहों पर हमला करना जहाँ विस्थापित नागरिक रह रहे हैं, अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का गंभीर उल्लंघन है। 6 मार्च 2026 को यह चेतावनी दी गई कि निजी संपत्ति को जब्त करना और लोगों को जबरन हटाना ‘चौथे जिनेवा कन्वेंशन’ का गंभीर उल्लंघन है और इसे युद्ध अपराध माना जा सकता है। गाज़ा में अक्टूबर 2025 की एक रिपोर्ट के अनुसार 19 लाख लोग विस्थापित हुए और वेस्ट बैंक में 2026 की शुरुआत से 900 से ज़्यादा लोग अपने घरों से बेदखल किए गए।

Frequently Asked Questions (FAQs)

लेबनान में विस्थापित लोगों की कुल संख्या कितनी है?

UN Refugee Agency के अनुसार, लेबनान सरकार के पास 12 लाख से ज़्यादा विस्थापित लोग दर्ज हैं, जिनमें से 10 लाख से ज़्यादा लोग मार्च 2026 की लड़ाई के बाद बेघर हुए।

अंतरराष्ट्रीय कानून विस्थापितों के प्रति क्या कहता है?

UN विशेषज्ञों के मुताबिक, विस्थापित नागरिकों के शेल्टर को निशाना बनाना और आबादी को जबरन हटाना अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का उल्लंघन है और इसे युद्ध अपराध माना जा सकता है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.