दक्षिण लेबनान में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है. इसराइल की सेना ने कई कस्बों और गांवों के लोगों को तुरंत वहां से निकलने की चेतावनी दी है. हैरानी की बात यह है कि यह सब तब हो रहा है जब दोनों देशों के बीच सीजफायर का समझौता लागू है. इस वजह से बड़ी संख्या में आम लोग अपने घर छोड़ने पर मजबूर हुए हैं.

इसराइल के हमलों और चेतावनी में क्या हुआ?

1 मई 2026 को इसराइल ने दक्षिण लेबनान में कई एयरस्ट्राइक किए, जिनमें कम से कम 10 लोगों की जान चली गई. इसराइल की सेना ने नबातियेह के पास हबौश जैसे गांवों के लोगों को इलाका खाली करने को कहा. सेना का दावा था कि वहां हिजबुल्ला की फैसिलिटीज हैं. चेतावनी के समय ही हबौश में हुए एक हमले में 6 लोग मारे गए. लोगों को चेतावनी देने के लिए एसएमएस, ऑटोमेटेड कॉल और सोशल मीडिया पर मैप का इस्तेमाल किया गया.

हिजबुल्ला की प्रतिक्रिया और तैयारी

  • हमले: हिजबुल्ला ने दावा किया कि उन्होंने इसराइली सैन्य ठिकानों पर ड्रोन और रॉकेट दागे, जिससे दो सैनिक घायल हुए.
  • बचाव: हिजबुल्ला ने इन हमलों को इसराइल द्वारा सीजफायर के उल्लंघन का जवाब बताया.
  • तैयारी: एक अधिकारी के मुताबिक, 2 मार्च से ही हिजबुल्ला ने दक्षिण लेबनान में अपने लड़ाकों और हथियारों की संख्या बढ़ा दी है.

सीजफायर के नियम और अमेरिका की भूमिका

अमेरिका की मदद से इसराइल और लेबनान के बीच 16 अप्रैल 2026 को 10 दिनों का सीजफायर हुआ था, जिसे बाद में 23 अप्रैल को तीन हफ्ते के लिए और बढ़ा दिया गया. नियमों के मुताबिक, इसराइल केवल अपनी रक्षा के लिए कदम उठा सकता है और कोई बड़ा हमला नहीं कर सकता. वहीं लेबनान को यह सुनिश्चित करना था कि हिजबुल्ला जैसे समूह इसराइल पर हमला न करें. संयुक्त राष्ट्र ने भी इस शांति समझौते का स्वागत किया था, लेकिन हालिया हमलों ने इस पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

Frequently Asked Questions (FAQs)

लेबनान और इसराइल के बीच सीजफायर कब लागू हुआ था

अमेरिका की मध्यस्थता में यह सीजफायर 16 अप्रैल 2026 को शाम 5 बजे EST पर लागू हुआ था, जिसे बाद में 23 अप्रैल को और बढ़ाया गया.

ताजा हमलों में सबसे ज्यादा असर कहां पड़ा

नबातियेह प्रांत के हबौश गांव में भारी असर पड़ा, जहां एक एयरस्ट्राइक में 6 लोगों की मौत हुई और कई लोग विस्थापित हुए.

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.