Israel Lebanon Conflict: इसराइल ने लेबनान में बनाया नया मिलिट्री ज़ोन, गज़ा जैसा ‘येलो लाइन’ मॉडल लागू, लोगों की वापसी पर रोक
Israel ने दक्षिणी Lebanon में एक नया मिलिट्री ज़ोन बना दिया है। इसे ‘येलो लाइन’ मॉडल कहा जा रहा है, जैसा कि Israel ने Gaza में किया था। इस वजह से Lebanon के लोगों में यह डर है कि Israel अब वहां अपनी कब्ज़ाई पक्की कर रहा है। इस बीच अमेरिका ने युद्ध रोकने के लिए सीज़फायर की समय सीमा बढ़ा दी है।
Israel का ‘येलो लाइन’ प्लान क्या है और इसमें क्या हुआ?
Israel की सेना ने Lebanon के दक्षिण में एक ‘सुरक्षा क्षेत्र’ (Security Zone) बनाया है। 23 अप्रैल 2026 को Israel ने एक नक्शा जारी किया, जिसमें कुछ गांवों के दक्षिण में जाना और Litani नदी, Wadi Salahani और Saluki जैसे इलाकों में पहुंचना मना कर दिया गया है। वहां जाने वाले लोगों पर सीधी सैन्य कार्रवाई होगी। Israel का कहना है कि वह Hezbollah के खतरों को रोकने के लिए ऐसा कर रहा है।
Lebanon और Hezbollah ने इस पर क्या प्रतिक्रिया दी?
Lebanon के रक्षा मंत्री Michel Menassa ने इस कदम का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने इसे Lebanon की ज़मीन पर नया कब्ज़ा बताया है। वहीं, Hezbollah ने कहा कि अगर Israel वहां से अपनी सेना पीछे नहीं हटाता, तो वे अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। Hezbollah ने हाल ही में Israel की सेना पर कई हमले किए हैं और कहा है कि यह सीज़फायर के उल्लंघन का जवाब है।
अमेरिका और UN का इस मामले में क्या कहना है?
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने 23 अप्रैल को सीज़फायर को तीन हफ्ते के लिए बढ़ा दिया है। वे दोनों देशों के नेताओं को व्हाइट हाउस बुलाकर स्थायी समझौता करना चाहते हैं। दूसरी ओर, UNIFIL के चीफ Jean-Pierre Lacroix ने बताया कि Israel ने Lebanon की काफी ज़मीन पर कब्ज़ा कर रखा है और वहां आम नागरिकों का जाना पूरी तरह मना है।