दक्षिणी लेबनान के Nabatieh में इसराइल ने भीषण हवाई हमले किए हैं। इन हमलों में कई रिहायशी इमारतें पूरी तरह तबाह हो गई हैं और कई लोग मारे गए हैं। हैरानी की बात यह है कि यह सब तब हुआ जब दोनों देशों के बीच ceasefire का समझौता लागू था।
नबातियेह में इसराइल ने कहाँ-कहाँ किए हमले?
लेबनान की सरकारी समाचार एजेंसी NNA के मुताबिक, नबातियेह के अल-मसलाख इलाके में हुए हवाई हमले से एक रिहायशी इमारत पूरी तरह गिर गई। इसके अलावा, एक ड्रोन हमला इवेंजेलिकल स्कूल के पास किया गया। स्कूल के आसपास कुछ ही मिनटों बाद कई और हमले हुए जिससे कई इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं और नबातियेह अल-फौका जाने वाली मुख्य सड़क को बंद करना पड़ा। इसराइल के लड़ाकू विमानों ने यातार कस्बे को भी निशाना बनाया और एक ड्रोन ने खिरबेत सेल्म और कलाविया के बीच सड़क पर हमला किया।
हमलों में कितने लोग मारे गए और क्या है नुकसान?
- 7 मई 2026: नबातियेह शहर के हमलों में एक व्यक्ति की मौत हुई और कई घायल हुए। इसी दिन दो अलग ड्रोन हमलों में गाड़ियों को निशाना बनाया गया, जिसमें तीन लोगों की जान गई। एक हमला हबौश रोड पर पिकअप ट्रक पर हुआ और दूसरा मिफदौन रोड पर एक कार हउलर ट्रक पर हुआ।
- 6 मई 2026: पूरे दक्षिणी और पूर्वी लेबनान में हुए ड्रोन और हवाई हमलों में 16 लोगों की मौत हुई और 21 घायल हुए। इनमें घायल होने वालों में पैरामेडिक्स भी शामिल थे।
- अन्य नुकसान: डौइर के बीर ज़बीब इलाके में एक घर पूरी तरह तबाह हो गया। वहीं ज़ेलय्या में हुए हमले में चार लोग मारे गए।
Ceasefire और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया क्या है?
ये सभी हमले 17 अप्रैल को हुए ceasefire समझौते के दौरान हुए, जिसे 17 मई तक बढ़ाया गया था। इसराइल की सेना ने कहा कि वह हिज़बुल्लाह के आतंकी ठिकानों को निशाना बना रही है। वहीं, हिज़बुल्लाह ने दावा किया कि उसने इसराइल की ceasefire उल्लंघन की हरकतों के जवाब में उनके सैन्य वाहनों पर हमला किया है। United Nations (UN) ने इस बढ़ती हिंसा पर गहरी चिंता जताई है और सभी पक्षों से संयम बरतने के साथ सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 1701 को लागू करने की मांग की है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लेबनान में इसराइल के हमले कब हुए?
इसराइल ने 6 और 7 मई 2026 को दक्षिणी और पूर्वी लेबनान के विभिन्न इलाकों, खासकर नबातियेह में हवाई और ड्रोन हमले किए।
क्या लेबनान और इसराइल के बीच कोई समझौता था?
हाँ, 17 अप्रैल को एक ceasefire समझौता हुआ था जो 17 मई तक लागू था, लेकिन रिपोर्ट के अनुसार इसराइल ने इसका उल्लंघन किया।