अमेरिका की मध्यस्थता में इसराइल और लेबनान के बीच सीधी बातचीत का रास्ता खुला है। इस खबर के बाद हिजबुल्लाह के सांसद हसन फदलाला ने इस कदम का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने कहा कि इसराइल युद्ध में अपनी हार की भरपाई के लिए अब बातचीत का सहारा ले रहा है। इस बीच लेबनान में हालात अब भी तनावपूर्ण बने हुए हैं।

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अमेरिका में क्या हुई बड़ी मीटिंग और क्या है समझौता?

14 अप्रैल 2026 को अमेरिका के विदेश विभाग में एक त्रिपक्षीय बैठक हुई। इस मीटिंग में अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio, इसराइल के राजदूत Yechiel Leiter और लेबनान की राजदूत Nada Hamadeh Moawad शामिल थे। सभी पक्षों ने सहमति जताई कि वे एक तय समय और जगह पर सीधी बातचीत शुरू करेंगे। अमेरिका ने इस मुलाकात को ऐतिहासिक बताया है क्योंकि 1993 के बाद यह पहली बार है जब दोनों देशों के बीच इतनी बड़ी मीटिंग हुई है।

हिजबुल्लाह ने इस बातचीत का विरोध क्यों किया?

हिजबुल्लाह सांसद हसन फदलाला ने कहा कि इसराइल मैदान में हार चुका है और अब बातचीत के जरिए अपने मकसद पूरा करना चाहता है। उन्होंने इसे लेबनान के संविधान और राष्ट्रीय कानूनों का खुला उल्लंघन बताया है। फदलाला के मुताबिक, इस कदम से लेबनान के लोगों के बीच आपसी मतभेद और बढ़ेंगे। उन्होंने साफ किया कि वे सीधी बातचीत के बजाय एक ऐसा व्यापक युद्धविराम चाहते हैं जिससे हर दिन होने वाले हमलों और हत्याओं पर रोक लगे।

लेबनान में मौजूदा हालात और मानवीय संकट क्या है?

बातचीत की सहमति के बावजूद जमीन पर हमले जारी रहे। 15 अप्रैल को सादियत में एक गाड़ी पर इसराइली हमला हुआ। लेबनान में मानवीय स्थिति बहुत खराब है, जिसके मुख्य बिंदु नीचे दिए गए हैं:

  • मार्च की शुरुआत से अब तक 2,000 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है।
  • अस्पतालों और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंचना मुश्किल हो गया है।
  • आम जनता और कमजोर तबके के लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।
  • इसराइल गैर-राज्य सशस्त्र समूहों के निशस्त्रीकरण की मांग कर रहा है।
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.