Israel Lebanon Conflict: इसराइल ने लेबनान में बनाया ‘नो-गो’ ज़ोन, काना गैस फील्ड पर बढ़ा तनाव, अमेरिका बुलाएगा बातचीत के लिए

इसराइल की सेना ने दक्षिणी लेबनान में एक ‘नो-गो’ एरिया यानी प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित किया है। इस इलाके में काना गैस फील्ड भी शामिल है, जिससे अब ऊर्जा संसाधनों और जमीनी समझौतों को लेकर चिंता बढ़ गई है। इस कदम के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है, जबकि अमेरिका दोनों देशों के बीच बातचीत की कोशिश कर रहा है।

इसराइल ने लेबनान में क्या किया और क्यों किया?

इसराइल की सेना ने दक्षिणी लेबनान के कुछ इलाकों को ‘फॉरवर्ड डिफेंस ज़ोन’ या ‘येलो लाइन’ नाम दिया है। सेना के प्रवक्ता अविचाई अदराए ने एक नक्शा जारी किया और लोगों को लिटानी नदी के पास और कुछ गांवों के दक्षिण में न जाने की चेतावनी दी। इसराइल का कहना है कि उसकी पांच डिवीजन और नौसेना वहां Hezbollah के ठिकानों को खत्म करने के लिए काम कर रही हैं।

काना गैस फील्ड पर क्या असर होगा?

इस प्रतिबंधित क्षेत्र में काना गैस फील्ड भी आता है, जिसमें करीब 100 बिलियन क्यूबिक मीटर प्राकृतिक गैस होने का अनुमान है। इसकी कीमत 20 से 40 अरब डॉलर के बीच बताई जाती है। साल 2022 में अमेरिका की मदद से हुए समझौते के तहत इस फील्ड पर लेबनान का हक था, लेकिन अब इसराइल की सैन्य कार्रवाई से लेबनान की आर्थिक स्थिति और ऊर्जा संसाधनों पर संकट मंडराने लगा है।

अमेरिका और अन्य देशों का क्या कहना है?

अमेरिकी विदेश विभाग ने बताया कि 23 अप्रैल 2026 को इसराइल और लेबनान के बीच राजदूत स्तर की बातचीत होनी तय हुई है। इसराइल के रक्षा मंत्री इसराइल काट्ज़ ने पहले संकेत दिया था कि वे दक्षिणी लेबनान में भी वही मॉडल अपनाएंगे जो उन्होंने गाज़ा में अपनाया था। वहीं, फ्रांस की कंपनी TotalEnergies इस गैस फील्ड के काम से जुड़ी हुई है।