लेबनान में इसराइल के हमले ने भारी तबाही मचाई है। संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (UNFPA) के मुताबिक अब तक 1,355 से ज्यादा महिलाएं या तो मारी गई हैं या घायल हुई हैं। सबसे दुखद बात यह है कि एक ही दिन में 99 महिलाओं और 31 बच्चों की जान चली गई। इस हमले की वजह से वहां स्वास्थ्य और सुरक्षा का बहुत बड़ा संकट खड़ा हो गया है।

लेबनान में महिलाओं और बच्चों की क्या स्थिति है?

UNFPA की रिपोर्ट के मुताबिक 2 मार्च से शुरू हुए हमलों में अब तक कम से कम 252 महिलाओं की मौत हो चुकी है और 1,120 महिलाएं घायल हैं। 8 अप्रैल का दिन सबसे ज्यादा खतरनाक था जब 99 महिलाएं मारी गईं और 378 घायल हुईं। करीब 12 लाख लोग अपने घर छोड़कर विस्थापित हुए हैं, जिनमें 6 लाख से ज्यादा महिलाएं और लड़कियां शामिल हैं।

गर्भवती महिलाओं और स्वास्थ्य सेवाओं का क्या हाल है?

विस्थापित हुए लोगों में लगभग 13,500 गर्भवती महिलाएं हैं जिन्हें तुरंत इलाज और स्वास्थ्य देखभाल की जरूरत है। इनमें से 1,700 महिलाएं अभी भी दक्षिणी लेबनान के उन इलाकों में फंसी हैं जहां लगातार हमले हो रहे हैं। UNFPA ने मदद के लिए 12 मिलियन डॉलर की मांग की थी, लेकिन अब तक सिर्फ 1.5 मिलियन डॉलर ही जुटा पाए हैं, जिससे राहत कार्य प्रभावित हो रहे हैं।

लेबनान में हाल ही में क्या बड़ी घटनाएं हुईं?

इसराइल की सेना ने दक्षिणी लेबनान के बिंत जुबैल शहर पर हमला किया है। साथ ही टायर शहर में रेड क्रॉस सेंटर पर भी हमला हुआ जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई। रिपोर्ट के मुताबिक इसराइल की सेना कई गांवों को पूरी तरह से नष्ट कर रही है, जिसे ‘डोमिसाइड’ कहा जा रहा है। हालांकि, अमेरिका में लेबनान और इसराइल के राजदूतों की मुलाकात होनी तय है, लेकिन हिजबुल्लाह ने इन बातचीत को बेकार बताया है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.