अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की कोशिशें पूरी तरह से रुक गई हैं, वहीं दूसरी तरफ इसराइल ने दक्षिणी लेबनान में अपना सैन्य हमला बहुत तेज कर दिया है। 1 जून 2026 की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, Israel ने लेबनान में पिछले 25 वर्षों का सबसे बड़ा जमीनी हमला शुरू किया है। इस बीच Kuwait ने भी अपनी सीमा में आने वाले ड्रोन और मिसाइल हमलों को हवा में मार गिराया है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UN Security Council) ने इस गंभीर मामले पर चर्चा करने के लिए आज ही एक आपातकालीन बैठक बुलाई है।

अमेरिका और ईरान के बीच क्यों अटक गया शांति समझौता?

अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत इस समय पूरी तरह से ठप है। दोनों देशों ने एक-दूसरे पर संघर्ष विराम के उल्लंघन का आरोप लगाया है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने अभी तक शांति समझौते पर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है। उन्होंने समझौते के मसौदे में कुछ बड़े बदलाव किए हैं, जिसमें Strait of Hormuz की सुरक्षा और ईरान से अत्यधिक समृद्ध यूरेनियम को हटाने की बात शामिल है।

ईरान का साफ कहना है कि जब तक लेबनान में युद्ध पूरी तरह समाप्त नहीं होता, तब तक कोई समझौता नहीं हो सकता। इस बीच दोनों देशों के बीच सैन्य झड़पें भी हुई हैं:

  • अमेरिकी हवाई हमले: अमेरिकी सेना ने ईरान के रडार और ड्रोन नियंत्रण केंद्रों को निशाना बनाकर हमले किए हैं।
  • ईरान की जवाबी कार्रवाई: ईरान के Revolutionary Guards ने दावा किया है कि उन्होंने बदला लेने के लिए अमेरिकी एयर बेस को निशाना बनाया।
  • कुवैत का एक्शन: कुवैत ने भी अपनी सीमा की तरफ आ रहे मिसाइल और ड्रोन हमलों को बीच हवा में ही मार गिराया है।

लेबनान में इसराइल की सेना का बढ़ा एक्शन, अब तक क्या हुआ?

इसराइल की सेना ने दक्षिणी लेबनान में भारी जमीनी हमला किया है। इसराइली सैनिक Litani River को पार करके जहरानी नदी की तरफ आगे बढ़ रहे हैं और इस पूरे इलाके को एक्टिव कॉम्बैट ज़ोन घोषित कर दिया गया है। प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने बेरूत के दक्षिणी उपनगरों में बमबारी के सख्त आदेश दिए हैं।

इस युद्ध से जुड़ी कुछ बड़ी बातें नीचे दी गई हैं:

  • ब्यूफोर्ट किला नियंत्रण: इसराइल के रक्षा मंत्री Israel Katz ने पुष्टि की है कि इसराइली सेना Beaufort Castle क्षेत्र में बनी रहेगी।
  • भारी विस्थापन: मार्च 2026 से शुरू हुए इस संघर्ष के कारण अब तक 3,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और करीब 12 लाख लोग बेघर हो चुके हैं।
  • अंतरराष्ट्रीय चिंता: फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron और जर्मनी के विदेश मंत्री Johann Wadephul ने इस हमले पर गहरी चिंता जताई है और तुरंत संघर्ष विराम की मांग की है।
  • निकासी के आदेश: इसराइल ने दक्षिणी लेबनान के सात और गांवों को तुरंत खाली करने का आदेश दिया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

इसराइल का लेबनान में जमीनी हमला शुरू करने का मुख्य उद्देश्य क्या है?

इसराइल का मुख्य उद्देश्य हिजबुल्लाह को हथियार और लड़ाके भेजने से रोकना है, और किसी भी समझौते से पहले हिजबुल्लाह की सैन्य ताकत को पूरी तरह कमजोर करना है।

अमेरिका और ईरान के समझौते में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने क्या नए बदलाव किए हैं?

राष्ट्रपति ट्रंप ने समझौते में बदलाव करते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की सुरक्षा और ईरान से अत्यधिक समृद्ध यूरेनियम को हटाने की शर्त को शामिल किया है।

लेबनान में चल रहे इस युद्ध के कारण अब तक कितना नुकसान हुआ है?

मार्च 2026 से शुरू हुए इस ताजा संघर्ष के कारण अब तक 3,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और लगभग 12 लाख लोग विस्थापित होकर अपना घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं।