Israel Lebanon Peace Update: इसराइल और लेबनान के बीच शांति की प्रक्रिया शुरू, नेतन्याहू ने हिज़्बुल्लाह पर लगाया साजिश का आरोप

इसराइल और लेबनान के बीच लंबे समय से चल रहे तनाव के बीच अब शांति की उम्मीद जगी है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि दोनों देशों के बीच एक ऐतिहासिक शांति लाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। हालांकि, उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हिज़्बुल्लाह इस शांति समझौते को खराब करने की कोशिश कर रहा है।

शांति समझौते के लिए क्या कोशिशें हुईं

अमेरिका की मदद से इसराइल और लेबनान के बीच 16 अप्रैल 2026 को 10 दिनों का अस्थायी युद्धविराम लागू हुआ था। बाद में 23 अप्रैल को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस युद्धविराम को तीन हफ्ते और बढ़ाने का ऐलान किया। इसके अलावा, 14 अप्रैल को वाशिंगटन डी.सी. में दोनों देशों के बीच सीधी बातचीत भी शुरू हुई, जो 1993 के बाद पहली बार हुआ है।

शांति के लिए नेतन्याहू की शर्तें और हिज़्बुल्लाह का जवाब

प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने साफ़ कहा है कि शांति के लिए हिज़्बुल्लाह का निशस्त्रीकरण यानी हथियार छोड़ना ज़रूरी है। उन्होंने यह भी बताया कि इसराइल की सेना दक्षिणी लेबनान में एक सुरक्षा क्षेत्र बनाकर वहाँ रहेगी। दूसरी तरफ, हिज़्बुल्लाह ने इन बातचीत को बेकार बताया है और कहा है कि वे इसराइली सैनिकों का विरोध करना जारी रखेंगे।

मैदान में अभी क्या हालात हैं

शांति की बातों के बीच भी हमले रुके नहीं हैं। 24 अप्रैल को IDF ने दक्षिणी लेबनान के बिंत जुबैल में छह हिज़्बुल्लाह लड़ाकों को मार गिराया। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, 2 मार्च से 24 अप्रैल 2026 के बीच इसराइली हमलों में 2,491 लोग मारे गए और 7,719 घायल हुए। इसराइल ने कुछ इलाकों में लोगों को खाली करने की चेतावनी भी जारी की है।