इज़राइल और लेबनान के बीच शांति बहाली के लिए एक बार फिर कोशिशें शुरू हो गई हैं। अमेरिका की मदद से दोनों देशों के बीच 14 और 15 मई 2026 को बड़ी बातचीत होने वाली है। इस मीटिंग का मुख्य मकसद एक ऐसा समझौता करना है जिससे दोनों देशों में सुरक्षा बनी रहे और हिज़्बुल्लाह से जुड़ा मुद्दा हल हो सके।

बातचीत में किन बातों पर होगा ज़ोर?

अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता थॉमस पिगोट ने बताया कि इस चर्चा का केंद्र लेबनान की संप्रभुता को वापस लाना और हिज़्बुल्लाह को पूरी तरह निशस्त्र करना है। बैठक के दौरान बॉर्डर की सीमा तय करने और मानवीय सहायता पहुँचाने के तरीकों पर बात होगी। अमेरिका का कहना है कि स्थायी शांति तभी संभव है जब लेबनान सरकार का पूरा नियंत्रण हो और हिज़्बुल्लाह के हथियार खत्म किए जाएं।

लेबनान और अमेरिका का क्या स्टैंड है?

लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने कहा कि उनकी सरकार जंग को खत्म करना चाहती है। लेबनान की तरफ से इज़राइली हमलों को रोकने, कैदियों को रिहा करने और दक्षिणी लेबनान से सेना को हटाने का प्रस्ताव रखा जाएगा। दूसरी तरफ, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने स्पष्ट किया कि हिज़्बुल्लाह शांति के रास्ते में एक बड़ी रुकावट है। उन्होंने अन्य देशों से लेबनान सरकार की मदद करने और हिज़्बुल्लाह की फंडिंग रोकने की अपील की है।

अब तक क्या हुआ और मौजूदा हालात क्या हैं?

इससे पहले अप्रैल 2026 में दो दौर की बातचीत हो चुकी है, जिसमें 23 अप्रैल वाली मीटिंग का नेतृत्व डोनाल्ड ट्रंप ने किया था। 16 अप्रैल को दस दिनों के लिए युद्धविराम भी लागू किया गया था। हालांकि, हाल ही में तनाव फिर बढ़ गया है। 8 मई को हिज़्बुल्लाह ने इज़राइली सैन्य बेस पर मिसाइल दागी, जबकि इज़राइली हमलों में लेबनान के पांच लोगों की मौत हुई। इन्हीं तनावों के बीच अब 14-15 मई की मीटिंग पर सबकी नज़र है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

इज़राइल और लेबनान की अगली बातचीत कब होगी?

अमेरिका के सहयोग से यह बातचीत 14 और 15 मई 2026 को आयोजित की जाएगी।

अमेरिका इस शांति समझौते के लिए क्या शर्त रख रहा है?

अमेरिका का कहना है कि व्यापक शांति के लिए लेबनान सरकार का अधिकार बहाल होना और हिज़्बुल्लाह का पूरी तरह निशस्त्रीकरण होना ज़रूरी है।