इसराइल और लेबनान के बीच बढ़ते तनाव को कम करने के लिए एक बार फिर बातचीत का दौर शुरू हुआ है। वाशिंगटन डी.सी. में गुरुवार और शुक्रवार को ये महत्वपूर्ण बैठकें हो रही हैं ताकि एक कमजोर पड़ चुके युद्धविराम (ceasefire) को बचाया जा सके। यह बातचीत इसलिए बेहद जरूरी है क्योंकि मौजूदा सीजफायर रविवार, 17 मई 2026 को खत्म होने वाला है।

इसराइल और लेबनान की बातचीत में क्या हैं मुख्य मांगें?

यह दोनों देशों के बीच सीधी बातचीत का तीसरा दौर है, जिसे अमेरिका की मदद से आयोजित किया जा रहा है। लेबनान चाहता है कि हिंसा पूरी तरह बंद हो, सीजफायर को मजबूती मिले और इसराइल उसकी जमीन से अपनी सेना वापस ले। लेबनान के विदेश मंत्री Youssef Raggi ने साफ किया कि उनकी प्राथमिकता एक स्थायी शांति समझौता है। दूसरी ओर, इसराइल की मुख्य शर्त यह है कि हिजबुल्लाह का पूरी तरह से निशस्त्रीकरण (disarmament) हो। इसराइल के राजदूत Yechiel Leiter ने कहा कि वे ऐसी शांति चाहते हैं जिसमें हिजबुल्लाह का कोई अस्तित्व न हो और दोनों देशों के बीच दूतावास, वीजा और पर्यटन जैसे संबंध सामान्य हो सकें।

बातचीत में कौन शामिल है और अमेरिका का क्या स्टैंड है?

अमेरिकी विदेश विभाग में हो रही इस बैठक में अमेरिका की ओर से विदेश मंत्री Marco Rubio और राजदूत Mike Huckabee समेत अन्य अधिकारी शामिल हैं। लेबनान की तरफ से अनुभवी राजनयिक Simon Karam नेतृत्व कर रहे हैं, जबकि इसराइल की टीम का नेतृत्व राजदूत Yechiel Leiter कर रहे हैं। अमेरिका का मानना है कि स्थायी शांति तभी संभव है जब लेबनान की सरकार का नियंत्रण पूरी तरह बहाल हो। हालांकि, हिजबुल्लाह के नेता अली अम्मार ने इन सीधी बातचीत को खारिज कर दिया है और इसे इसराइल को दी जाने वाली रियायत बताया है।

क्या बातचीत के बीच भी जारी है हमला?

कागजों पर बातचीत तो चल रही है, लेकिन जमीनी हालात अब भी खराब हैं। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, 13 मई को इसराइली हमलों में 22 लोगों की जान गई, जिनमें 8 बच्चे शामिल थे। वहीं, 14 मई को भी इसराइल ने दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों को निशाना बनाया और वहां के लोगों को इलाका खाली करने की चेतावनी दी। UNIFIL ने भी चिंता जताई है कि दोनों पक्षों द्वारा ड्रोन का इस्तेमाल बढ़ गया है, जिससे शांति सैनिकों की सुरक्षा को खतरा हो रहा है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

इसराइल और लेबनान की बातचीत कब तक चलेगी?

यह बातचीत 14 और 15 मई 2026 को वाशिंगटन डी.सी. में हो रही है, ताकि रविवार 17 मई को खत्म होने वाले सीजफायर को समय रहते बचाया जा सके।

हिजबुल्लाह का इस बातचीत पर क्या रुख है?

हिजबुल्लाह ने सीधी बातचीत को पूरी तरह खारिज कर दिया है। उनके नेतृत्व का कहना है कि वे इन बातचीत के दौरान तय की गई किसी भी शर्त को नहीं मानेंगे।