लेबनान में इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच तनाव अब खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। इजराइली सेना ने दक्षिण लेबनान को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाले सबसे महत्वपूर्ण कास्मिया ब्रिज (Qasmiyeh Bridge) को हवाई हमलों में पूरी तरह तबाह कर दिया है। लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने इस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए इसे जमीनी हमले की तैयारी बताया है। इस हमले के बाद से आम लोगों के लिए रसद और जरूरी सामान की सप्लाई कटने का डर पैदा हो गया है।

इजराइली हमलों से जुड़ी मुख्य जानकारी

पिछले 24 घंटों में इजराइल ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाया है। इससे जुड़ी प्रमुख बातें नीचे दी गई टेबल में दी गई हैं।

तारीख घटनाक्रम
22 मार्च 2026 इजराइल ने कास्मिया पुल पर पहला हमला किया और लितानी नदी के पुलों को तोड़ने का आदेश जारी हुआ।
23 मार्च 2026 दूसरे हमले में पुल पूरी तरह नष्ट हो गया, जिससे टायर और सिडोन का रास्ता कट गया।
आगामी एक हफ्ता इजराइली सेना ने बड़े जमीनी ऑपरेशन (Ground Operation) शुरू करने का एलान किया है।

आम जनता और मदद पर क्या होगा असर?

लितानी नदी (Litani River) पर बने पुलों के टूटने से दक्षिण लेबनान का संपर्क टूटता जा रहा है। इजराइली रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज़ ने सेना को आदेश दिया है कि नदी के ऊपर बने उन सभी पुलों को नष्ट कर दिया जाए जिनका इस्तेमाल हिजबुल्लाह (Hezbollah) कर सकता है। हालांकि, मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि इससे लाखों नागरिकों के लिए भोजन और दवाइयों का संकट खड़ा हो जाएगा।

  • टायर और सिडोन के बीच की मुख्य तटीय सड़क अब बंद हो चुकी है।
  • बिजली के ग्रिड, दुकानों और कृषि क्षेत्रों को भी भारी नुकसान पहुंचा है।
  • लेबनान ने संयुक्त राष्ट्र (United Nations) और सुरक्षा परिषद से तुरंत दखल देने की अपील की है।
  • इजराइली सैन्य प्रमुख ने चेतावनी दी है कि यह ऑपरेशन लंबे समय तक चल सकता है और इसकी पूरी योजना तैयार है।