इसराइल ने लेबनान में बनाया सुरक्षा बेल्ट, 55 गांवों के लोगों की घर वापसी पर लगाई रोक
लेबनान के दक्षिणी हिस्से में तनाव और बढ़ गया है. इसराइल ने वहां एक सुरक्षा बेल्ट बना ली है जिसमें 55 गांव शामिल हैं. अब इन गांवों के रहने वाले लोग वापस अपने घर नहीं जा सकेंगे. यह खबर राज्य मीडिया के हवाले से सामने आई है.
सीजफायर और सुरक्षा ज़ोन का क्या मामला है
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump की घोषणा के बाद 16 और 17 अप्रैल 2026 की दरमियानी रात को इसराइल और लेबनान के बीच 10 दिन का सीजफायर शुरू हुआ. इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने इस समझौते को तो मान लिया लेकिन उन्होंने साफ कहा कि उनकी सेना दक्षिणी लेबनान में ही रहेगी. उन्होंने बताया कि सुरक्षा कारणों से लेबनान में 10 किलोमीटर का एक सुरक्षा क्षेत्र बनाया गया है जो समुद्र से लेकर सीरिया बॉर्डर तक फैला हुआ है.
आम लोगों और गांवों पर क्या असर पड़ा
इस फैसले से हजारों लोग बेघर हो गए हैं. बताया जा रहा है कि इस सुरक्षा क्षेत्र की वजह से लगभग 6 लाख लोग अपने घर वापस नहीं जा पा रहे हैं. इसराइल के रक्षा मंत्री Israel Katz ने कहा कि जब तक हिजबुल्लाह का खतरा खत्म नहीं होता, लोगों को वापस जाने की अनुमति नहीं मिलेगी. अब तक तीन गांवों – Deir Seryan, Taybeh और Naqoura को पूरी तरह तबाह किया जा चुका है.
लेबनान और हिजबुल्लाह की क्या प्रतिक्रिया रही
लेबनानी सेना ने 17 अप्रैल को रिपोर्ट दी कि इसराइल ने सीजफायर के नियमों को तोड़ा है और कई गांवों में गोलाबारी की है. सेना ने लोगों को चेतावनी दी कि वे अभी अपने गांवों की तरफ न जाएं. वहीं हिजबुल्लाह ने कहा कि वे दुश्मन की हर हरकत पर नजर रखे हुए हैं और उन्होंने लेबनान सरकार को इसराइल के साथ सीधी बातचीत करने से मना किया है.
| मुख्य बिंदु | विवरण |
|---|---|
| सीजफायर की तारीख | 16-17 अप्रैल 2026 |
| सुरक्षा क्षेत्र की चौड़ाई | 10 किलोमीटर |
| प्रभावित गांव | 55 गांव |
| बेघर हुए लोग | लगभग 6 लाख |
| पूरी तरह तबाह गांव | Deir Seryan, Taybeh और Naqoura |
| इसराइल की शर्त | हिजबुल्लाह का निशस्त्रीकरण |