दक्षिण लेबनान में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। इजरायली सेना की गोलीबारी में दो लोगों की मौत हो गई है, जिसके बाद हिजबुल्लाह ने इसे सीजफायर समझौते का उल्लंघन बताया है। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब क्षेत्र में शांति बहाल करने के लिए बड़े स्तर पर बातचीत चल रही है।

हिजबुल्लाह ने बताया कि मंगलवार, 23 जून 2026 को इजरायली सैनिकों ने दक्षिण लेबनान के नबातियेह इलाके में नागरिकों पर गोली चलाई। उनका दावा है कि ये लोग मलबे से शव निकालने और सड़कें साफ करने का काम कर रहे थे। लेबनानी सिविल डिफेंस और वहां की सरकारी मीडिया ने भी पुष्टि की है कि इस हमले में दो लोगों की जान गई है।

दूसरी तरफ, इजरायली सेना ने इस घटना पर अलग बयान दिया है। सेना का कहना है कि उनके सैनिकों ने एक “आतंकी सेल” को निशाना बनाया। उन्होंने दावा किया कि अली ताहिर रिज इलाके में हिजबुल्लाह के बंदूकबाजों ने उनके सैनिकों के लिए खतरा पैदा किया था, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई की गई।

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज़ ने एक साझा बयान में कहा कि उनकी सेना दक्षिणी लेबनान में सुरक्षा क्षेत्र बनाए रखेगी। नेतन्याहू ने साफ किया कि इजरायली सेना को वहां कार्रवाई करने की पूरी आजादी है। वहीं, इजरायली वित्त मंत्री बेज़लेल स्मोट्रिच ने कहा कि जब तक हिजबुल्लाह पूरी तरह खत्म नहीं हो जाता, तब तक ऑपरेशन जारी रहेंगे।

इस तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के बीच स्विट्जरलैंड में बातचीत हुई है, जिसे पाकिस्तान और कतर ने मध्यस्थता कराई। इस बैठक में 60 दिनों का एक रोडमैप तैयार किया गया है ताकि युद्ध को खत्म किया जा सके। लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance के साथ टकराव रोकने के लिए एक “डी-कॉन्फ्लिक्शन मैकेनिज्म” पर चर्चा की है, ताकि छोटी घटनाओं को बड़े युद्ध में बदलने से रोका जा सके।

संयुक्त राष्ट्र (UN) के शांतिरक्षक दल UNIFIL ने भी लेबनान की संप्रभुता का सम्मान करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन करना सभी पक्षों के लिए जरूरी है ताकि आम नागरिकों और शांतिरक्षकों की जान बचाई जा सके।