लेबनान और इसराइल के बीच शांति समझौता हुआ था, लेकिन अभी वह लागू ही हुआ था कि फिर से बमबारी शुरू हो गई। शनिवार को हुए इस हमले में कई मासूमों की जान गई है। अब पूरी दुनिया की नज़रें अमेरिका और ईरान की होने वाली बातचीत पर टिकी हैं ताकि इस जंग को रोका जा सके।

सीज़फायर के बाद हुआ हमला

अमेरिका और कतर की मध्यस्थता में इसराइल और हिज़बुल्लाह के बीच शुक्रवार, 19 जून 2026 की दोपहर को सीज़फायर (युद्ध विराम) लागू हुआ था। लेकिन उसके अगले ही दिन, यानी शनिवार 20 जून को इसराइल ने दक्षिणी लेबनान और बेका घाटी में ज़बरदस्त हमले किए। लेबनानी मीडिया के मुताबिक इन हमलों में 20 से 29 लोग मारे गए, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे। वहीं Euro-Med Monitor संस्था ने दावा किया है कि शुक्रवार शाम से शनिवार सुबह के बीच हुए हमलों में 83 लोगों की मौत हुई और 141 लोग घायल हुए।

दोनों पक्षों के दावे

इसराइल की सेना (IDF) ने कहा कि वह शांति समझौते का पालन कर रही है, लेकिन हिज़बुल्लाह ने सीज़फायर के बावजूद 50 से ज़्यादा रॉकेट दागे, इसलिए जवाब देना ज़रूरी था। इसराइल का कहना है कि वह दक्षिणी लेबनान में सुरक्षा क्षेत्र बना रहा है ताकि हिज़बुल्लाह के बुनियादी ढांचों को खत्म किया जा सके। दूसरी तरफ, हिज़बुल्लाह ने कहा कि वह शांति चाहता है, लेकिन इसराइल लेबनान की ज़मीन पर कब्ज़ा करने की कोशिश कर रहा है और वह इसका जवाब ज़रूर देगा। लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने इन हमलों को तुरंत रोकने की मांग की है।

अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत

इस तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के अधिकारी स्विट्ज़रलैंड में बैठक करने वाले हैं। अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance रविवार को बातचीत के लिए वहां पहुँच चुके हैं। इस बैठक का मुख्य मुद्दा इसराइल और हिज़बुल्लाह के बीच चल रही जंग को स्थायी रूप से रोकना है। वहीं ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा नहीं किया और इसराइल लेबनान से पीछे नहीं हटा, तो वह होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से बंद कर देगा।

जंग का भारी नुकसान

लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि 2 मार्च 2026 को जब से यह संघर्ष तेज़ हुआ है, तब से अब तक लेबनान में 3,700 से ज़्यादा लोग मारे जा चुके हैं। 20 जून तक मरने वालों की कुल संख्या 3,912 तक पहुँच गई है। संयुक्त राष्ट्र (UN) ने भी सभी पक्षों से अपील की है कि वे मौजूदा शांति समझौतों का सम्मान करें।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.