इसराइल और हिज़्बुल्लाह के बीच हुए सीज़फ़ायर समझौते के कुछ ही घंटों बाद फिर से युद्ध छिड़ गया है। इसराइल ने लेबनान में भीषण हमले किए हैं, जिसमें कई मासूम लोगों की जान गई है। इस तनाव ने अब अंतरराष्ट्रीय स्तर ले लिया है और ईरान ने भी इस मामले में बहुत बड़ा कदम उठाया है।
ताज़ा जानकारी के मुताबिक, शनिवार 20 जून 2026 को इसराइल ने लेबनान के कई हिस्सों में हवाई हमले और ड्रोन अटैक किए। लेबनानी सिविल डिफेंस ने बताया कि इन हमलों में कम से कम 16 लोगों की मौत हुई है। दक्षिणी लेबनान के बारिश शहर में एक रिहायशी इमारत पर हमला हुआ, जिसमें एक पूरा परिवार—माता-पिता और उनके दो बच्चे—मारे गए। इसके अलावा, कफ़र रुम्मान-नबातियेह रोड पर हुए हमले में लेबनान की सेना का एक जवान भी मारा गया।
इसराइल ने इन हमलों को हिज़्बुल्लाह की तरफ से सीज़फ़ायर के उल्लंघन का जवाब बताया है। इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने साफ़ कहा कि वे अपने सैनिकों या अपनी ज़मीन पर हमलों को बर्दाश्त नहीं करेंगे और हिज़्बुल्लाह को इसकी भारी कीमत चुकानी होगी। इसराइल का दावा है कि शनिवार सुबह हिज़्बुल्लाह ने उनके सैनिकों पर 50 से ज़्यादा रॉकेट दागे थे।
दूसरी तरफ, हिज़्बुल्लाह और लेबनान ने इन आरोपों को नकारा है। हिज़्बुल्लाह नेता नईम कासिम ने कहा कि इसराइल ने समझौतों का पालन नहीं किया है और वे हथियारों के साथ इसका मुकाबला करेंगे। शुक्रवार को ही अमेरिका और कतर की मदद से एक सीज़फ़ायर लागू हुआ था, लेकिन उससे पहले और बाद में हुई लड़ाई में भारी नुकसान हुआ। शुक्रवार को ही लेबनान में 47 लोगों के मारे जाने और 97 के घायल होने की खबर आई थी, जबकि इसराइल के चार सैनिक कफ़र तेबनित गांव में मारे गए थे।
इस हिंसा का असर पूरी दुनिया पर दिख रहा है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने इसराइल की कड़ी निंदा की है और शनिवार 20 जून को होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद करने का ऐलान कर दिया है। ईरान ने इसे अमेरिका और इसराइल द्वारा सीज़फ़ायर उल्लंघन का जवाब बताया है। वहीं, स्विट्जरलैंड में होने वाली अमेरिका और ईरान की बातचीत को भी इस लड़ाई की वजह से टाल दिया गया है।
UNIFIL ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि दोनों तरफ से हवाई सीमा का उल्लंघन हुआ है और रॉकेट दागे गए हैं, जिनमें ज़्यादातर हिस्सा इसराइल का था। फिलहाल पूरे इलाके में तनाव बना हुआ है और लोग डरे हुए हैं।